कांग्रेस में कामचलाऊ व्यवस्था कब तक?

नया अध्यक्ष चुन देने के बाद भी कांग्रेस पार्टी अपनी स्थायी और ऐतिहासिक समस्या से नहीं निकल पाई है। कांग्रेस की स्थायी समस्या अनिर्णय की है। लंबे समय तक फैसले लटका कर रखना कांग्रेस की परंपरा रही है।

सोनिया, राहुल के बिना होगी बैठक!

राहुल गांधी जरूर अनेक बैठकों से गायब रहते थे। लेकिन वह पुरानी बात है। अब वे एक गंभीर और 24 घंटे राजनीति करने वाले नेता हो गए हैं।

कब और कहां होगा कांग्रेस का अधिवेशन?

कांग्रेस की स्टीयरिंग कमेटी तय करेगी कि मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम पर मुहर लगाने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का अधिवेशन कब और कहां होगा।

हिंदी प्रदेश में आते ही यात्रा की मुश्किलें

एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही यात्रा को ज्यादा कवरेज मिलने लगी है और पत्रकार पहुंचने लगे हैं तो दूसरी ओर विवाद भी शुरू हो गए हैं।

आप के सबसे ज्यादा आपराधिक उम्मीदवार

पार्टी को धर्म और जाति के आधार पर टिकट बांटने में कोई दिक्कत नहीं है और न चुनाव जीतने के लिए आपराधिक छवि के लोगों को टिकट देने में कोई परेशानी है।

लचित बरफुकन भूला दिए गए नायक नहीं हैं

नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत में इतिहास लिखने वालों को जम कर कोसा और कहा कि गलत और गुलामी का इतिहास लिखा गया है।

ममता का मैसेज बहुत साफ है

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी का मैसेज बहुत साफ है। वे पहले की तरह केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी से लड़ना नहीं चाहती हैं।

राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं

यह पुरानी कहावत है। राजनीति हमेशा नई संभावनाओं से भरी होती है और कुछ भी नामुमकिन नहीं होता है।

आरक्षण का पंडोरा बॉक्स खुल गया है

आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिए गए 10 फीसदी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर लगने के बाद अब आरक्षण का पंडोरा बॉक्स खुल गया है।

यात्रा से एकजुटता नहीं बन रही

कांग्रेस के नेता भी इसे मान रहे हैं। लेकिन उनका कहना है कि इससे पार्टी एकजुट हो रही है और राज्यों में पार्टी का सोया हुआ काडर जग कर एक्टिव हो रहा है।

प्रियंका का करिश्मा हिंदी पट्टी में

गुरुवार को वे अपने पति और बच्चों के साथ राहुल गांधी की यात्रा में शामिल हुईं और बताया जा रहा है कि चार दिन तक वे भी पदयात्रा करेंगी।

सद्दाम हुसैन तो भारत के परम मित्र थे

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भाजपा में नया मुल्ला हैं इसलिए ज्यादा प्याज खा रहे हैं या पार्टी में ही उनको हिंदुत्व के नए ब्रांड के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

पशुपति पारस से ज्यादा चिराग की पूछ

भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में चिराग पासवान की वापसी हो सकती है। अभी तक आधिकारिक रूप से चिराग पासवान किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।

निगम में लोकल बनाम राष्ट्रीय मुद्दे

दिल्ली में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी बिल्कुल लोकल मुद्दों पर नगर निगम का चुनाव लड़ रही है।

कई राज्यों में मध्यावधि चुनाव की आशंका

भारत में लगभग पूरे साल चुनाव चलते रहते हैं फिर भी पार्टियों की चुनाव की भूख शांत नहीं होती है। अभी हिमाचल प्रदेश का चुनाव हुआ और उसके नतीजे ईवीएम में ही बंद हैं।

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