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Friday, May 14, 2021
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हरिशंकर व्यास

कलियुगी वज्रमूर्खता, गधेड़ापन!

मेरे तो गिरधर गोपाल (मोदी) दूसरा न कोई-3: तो इक्कीसवीं सदी के सन् इक्कीस में भारत-हिंदू पड़ाव का क्या कलियुगी अर्थ हुआ? भाग्य में लिखा है सो ऐसा हो रहा है! ईश्वर की इच्छा है जो ऐसा है। प्रभु...

बुद्धि जब कलियुग से पैदल हो!

मेरे तो गिरधर गोपाल (मोदी) दूसरा न कोई-2:  हम हिंदू मानते है कि हम कलियुग में रह रहे है। कलियुग के उसके क्या त्रास, क्या कष्ट, क्या व्यथा है? भूख, भय और गुलामी। भूख कलियुग में लगातार लूटे जाने...

मेरे तो गिरधर गोपाल (मोदी), दूसरा न कोई!

‘नया इंडिया’ के एक सुधी पाठक, हैदराबाद के सोहन लाल कादेल ने पिछले सप्ताह मुझे मैसेज भेज पूछा- आपकी नजर में राज करने योग्य कौन है जी? ममता, राहुल, प्रियंका या कोई और जी? मैंने उनकी व्यथा समझी और...

अमेरिका-यूरोप के बनो शुक्रगुजार!

अच्छी खबर जो पुर्तगाल के पोर्तो में यूरोपीय संघ के नेताओं ने भारत की चिंता की। भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर फिर बात करने को रजामंद हुआ। भारत को वायरस से लड़ने के लिए हर संभव मदद...

अपने मोदीजी अब गिरधर गमांग!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज किस मनोदशा में होंगे? अपना मानना है गिरधर गमांग की मनोदशा में। सन् 1999 में ओडिसा में आदिवासी गिरधर गमांग मुख्यमंत्री थे। वे भाग्य से सीएम बने लेकिन बुद्धी, समझ में उनका भगवान मालिक! अक्टूबर...

मोदीजी, बुद्धी उधार लीजिए, मानिए ये सुझाव

वैसे पहले आईटम से लगा होगा कि मैं आज व्यंग के मूड में हूं। लेकिन ‘हम’ मानवता के लिए इतनी बड़ी त्रासदी बन चुके है कि बार-बार सोचना होता है कि भारत के प्रधानमंत्री को कैसे गंभीर बनाया जाए?...

दूसरी लहर से सबक लें

दुनिया के सभी सभ्य और विकसित देशों ने कोरोना वायरस की पहली लहर से सबक लिया था और दूसरी लहर से निपटने की तैयारी की थी। सभ्य देशों ने इतिहास से भी सबक लिया था और उनको पता था...

नए वैरिएंट का पता लगाने के उपाय हों

भारत की सबसे बड़ी समस्या वायरस के नए वैरिएंट्स हैं, जिनके बारे में किसी को ज्यादा जानकारी नहीं है। दुनिया भर में कोरोना वायरस के साढ़े चार हजार से ज्यादा वैरिएंट्स मिल चुके हैं। यानी इतनी बार यह वायरस...

वैक्सीन के इंतजाम पर ध्यान हो

भारत सरकार ने वायरस की पहली लहर में एक बड़ी गलती यह की थी वैक्सीन की जरूरत पर ध्यान नहीं दिया। भारत सरकार इस मुगालते में रही कि पिछले 75 साल में भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक...

यमराज

मृत्यु का देवता!... पर देवता?..कैसे देवता मानूं? वह नाम, वह सत्ता भला कैसे देवतुल्य, जो नारायण के नर की सृष्टि रचना, सृष्टि नियमों को ताक में रख मृत्यु की सुनामी लाए?.. देवता मानना तो शायद इसलिए हुआ होगा कि...

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सत्य बोलो गत है!

‘राम नाम सत्य है’ के बाद वाली लाइन है ‘सत्य बोलो गत है’! भारत में राम से ज्यादा राम...