व्यूज़- विचार
लेख-स्तंभ
ऐसी ही टीम बननी थी भाजपा की
नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के बाद 209 दिन...
जंगल की लड़ाई शहरों तक पहुंचेगी!
पिछले कुछ वर्षों से एक परिघटना के तौर पर ‘अर्बन नक्सल’ की...
नागरिकों पर ही है शहर साफ रखने की जिम्मेदारी
सिर्फ सरकार को कोसना काफी नहीं। हमें खुद को भी आईना दिखाना...
मोदी को पता भी कि लालकिले से क्या बोला?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ताजा जुमला इतिहास में उनकी याद का शायद...
एफसीआरए पर सरकार चाहती क्या है?
यह समझना बहुत मुश्किल नहीं है कि केंद्र सरकार विदेशी चंदे के...
लूट सके सो लूट, हाँक सके सो हाँक
देश भर में हर शिक्षा संस्थान में प्रवेश, और वहाँ की परीक्षा,...
जनता किसको सुनाए अपना हाल
दुनिया के किसी भी सभ्य लोकतांत्रिक देश के नागरिक की असहायता ऐसी...
नए नेताओं और पार्टियों के लिए मौका
देश की राजनीति इस समय एक बुनियादी बदलाव के दौर से गुजर...
हरिशंकर व्यास लेख
खोपड़ी बिन हिंदू राजनीति!
यह न मेरा निष्कर्ष है, न कोई नई बात। जिस कथित हिंदू...
भागवत ने पहले क्यों नहीं बोला?
चिड़ियां खेत चुग गईं और कल, शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के...
किताबों तक में गलतियां
अब किताबे गलतियों से भरी होती है। जिसको जो मन में आया...
अपढ़, कुपढ़ लोगों के हाथ में शिक्षा
जंतर मंतर पर ‘जेन जी’ का आंदोलन हुआ और सरकार बैकफुट पर...
ऐसे खुश कर लेंगे ‘जेन जी’ को!
क्या बुद्धि का दिवालियापन है कि नीट यूजी पेपर लीक और परीक्षा...
साहित्य, संस्कृति की क्या दशा?
यों इसकी वजह समाज भी है लेकिन सत्ता की ज्यादा जिम्मेदारी है...
समय ने बताई मोदी की एक्सपायरी
नरेंद्र मोदी को समय विशेष ने भारत का प्रधानमंत्री बनाया था। अब...
अमित शाह की गलतियां
सन् 2011-12 के अन्ना आंदोलन की बात है। दिल्ली में रह रहे...
श्रुति व्यास
मोदी को पता भी कि लालकिले से क्या बोला?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ताजा जुमला इतिहास में उनकी याद का शायद...
‘विकसित भारत’ में तैरती ‘लेम्बोर्गिनी’!
मानसून की पहली असली बारिश और राजधानी दिल्ली-एनसीआर की सबसे यादगार तस्वीर।...
भाजपा: सुरक्षित सीटों से भी सवाल!
भारत में कई चुनाव परिणाम सरकारें बदलते हैं, लेकिन कुछ परिणाम राजनीतिक...
बेटी बचाओ, मगर बोलने मत दो!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समझते हैं कि राजनीति केवल नीतियों से नहीं, कथाओं...
भाषा बदली नहीं कि राजनीति बेचैन!
कहा जाता है, भाषा ही मनुष्य की पहचान होती है। शायद यही...
क्या जेन-ज़ेड शांत मन से नहीं सोचती?
हाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने एक महत्वपूर्ण...
‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए!’
नई दिल्ली। जब आवाज़ें जुड़ती हैं, मन के तार मिलते है, सुर...
जंतर-मंतरः आग अभी बुझी नहीं है
ग्राउंड रिपोर्ट नई दिल्ली। लुटियन दिल्ली को सोमवार को जिस छात्र आंदोलन...