व्यूज़- विचार
लेख-स्तंभ
बंगाल में सबके लिए समान कानून
जिन समाजों में बहुविवाह की प्रथा है वहां आबादी बढ़ने का अनुपात...
निर्भीक लज्जाहीनता की भट्टी से निकले तपस्वी
इस दौर के सियासतदां निर्भीक लज्जाहीनता की भट्टी से तप कर निकले...
‘कॉकटेल 2’: प्रदर्शन से दरकते प्रेम की कहानी
‘कॉकटेल 2’ सिर्फ प्रेम त्रिकोण की कहानी नहीं, बल्कि आधुनिक रिश्तों की...
हिंदू न बढ़ई बनेगा न एआई बॉस
वैसे मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने गलत नहीं कहा।...
हिंदू बेघर है, मात्र भीड़ है!
मोदी सरकार ने गजब सवाल पैदा किया है? कौन है भारत का...
नागरिक तो सिर्फ सरकारी अधिकारी!
इस देश का नागरिक कौन है? यह सवाल फिर 140 करोड़ लोगों...
हुनर अब सिर्फ मुसलमान के पास है
भारत में पिछले कई सालों से कौशल विकास की बात हो रही...
जो सबसे बड़ा है वह भी परजीवी है
ऐसा नहीं है कि भारत का सिर्फ आम आदमी या गरीब आदमी...
हरिशंकर व्यास लेख
हिंदू न बढ़ई बनेगा न एआई बॉस
वैसे मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने गलत नहीं कहा।...
हिंदू बेघर है, मात्र भीड़ है!
मोदी सरकार ने गजब सवाल पैदा किया है? कौन है भारत का...
नागरिक तो सिर्फ सरकारी अधिकारी!
इस देश का नागरिक कौन है? यह सवाल फिर 140 करोड़ लोगों...
हुनर अब सिर्फ मुसलमान के पास है
भारत में पिछले कई सालों से कौशल विकास की बात हो रही...
जो सबसे बड़ा है वह भी परजीवी है
ऐसा नहीं है कि भारत का सिर्फ आम आदमी या गरीब आदमी...
21वीं सदी का पूंजीवाद है इलॉन मस्क!
सवाल है कौन इलॉन मस्क के पूंजीवाद से मुकाबला कर सकता है?...
लापतागंज में लापता मानसून!
जून आधा बीत गया है लेकिन मानसून लापता है। बावजूद इसके सोशल...
ट्रंप का सर्टिफिकेट, अब बाजार बनना तय
सोचें, डोनाल्ड ट्रंप पर। अमेरिका का कैसा मजाक बना डाला है। चाहे...
श्रुति व्यास
रूस–यूक्रेन युद्ध 1,566 दिनों पार, दुनिया युद्ध खत्म कराना भूल गई!
यूक्रेन का युद्ध अब पहले महायु्द्ध से लंबा हो चुका है। यह...
देश जिसे विरोध करना भुला दिया गया
छह जून की सुबह जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की एक मामूली-सी...
बारह साल का मेकअप, पर नया क्या?
भारत बदल गया है। कम से कम पिछले बारह वर्षों से यही...
केकड़े लड़ रहे हैं, पानी सूख रहा है हर कोई दोषी है, कोई दोषी नहीं।
भारत मानो एक अघोषित गृहयुद्ध में है। केकड़ों वाली पुरानी कहावत अब...
मैं दिल्ली, हर चीज़ से पहले यहाँ थी!
मुझे हमेशा मेरे लोगों ने बनाया। वे लोग जो बाहर से आए,...
कॉकरोच क्षण: हँसी का आईना
कॉकरोच अब राष्ट्रीय बहस है। किसने सोचा था कि एक बात भारत...
हक्सले, ऑरवेल और भारत 2026
सन् 1985 में नील पोस्टमैन ने “हँसते-हँसते विनाश की ओर” (Amusing Ourselves...
दुनिया का नया दरबार: बीजिंग
इस मई बीजिंग में दिलचस्प दृश्य, नजारा है। डोनाल्ड ट्रंप का ‘ग्रेट...