भ्रष्टाचार पर पहले चले बुलडोज़र

प्रयागराज में मोहम्मद जावेद की पत्नी की मिल्कियत वाला मकान प्रशासन ने बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया। जावेद पर प्रयागराज में पत्थरबाज़ी करवाने व दंगे भड़काने का आरोप है।

हर कोई आग फैलाने में लगा

जिस दिन से भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा के बयान पर विवाद खड़ा हुआ है उस दिन से देश में भारी बवाल है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

भागवत का बयान और हिंदू मानस

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा॰ मोहन भागवत के ताज़ा बयान का देश के धर्मनिरपेक्षवादियों, वामपंथियों, समाजवादियों व कांग्रेसियों द्वारा भरपूर स्वागत किया जा रहा है।

मंदिर पर मस्जिद और जख्म

क्या भारत, पाकिस्तान या बांग्लादेश में एक भी मंदिर ऐसा है जो किसी मस्जिद को ध्वस्त करके बना हो?

आध्यात्म के बल पर बने हिंदू राष्ट्र

राष्ट्र-राज्य- धर्मांध मौलवी हो या हिंदू धर्म गुरु दोनो ही शेष समाज के लिए घातक हैं जो लगातार समाज में विष घोलते हैं।

बेमतलब के ये पर्यटक सूचना केंद्र

हाल-बदहाल- सरकार की पर्यटन योजनाओं में सबसे बड़ी कमी रख-रखाव की होती है। सब जल्द ख़स्ता हाल हो जाता हैं।

आस्था, शोर व कलह की चिंगारियां

लाउडस्पीकर पर शोर में तथ्य है कि 75 डेसिबल से ज्यादा तीव्रता की ध्वनि पैदा करना अपराध है।

पाक अधिकृत कश्मीर का ख़ौफ़नाक सच

अमजद अय्यूब मिर्ज़ा ने पाक अधिकृत कश्मीर में हुए हिंदुओं के वीभत्स नरसंहार के बारे में केलिफ़ोर्निया के अख़बार में प्रकाशित किया है।

डॉ अर्चना शर्मा की मृत्यु और सबक

डॉ अर्चना शर्मा की मौत के लिए वो पुलिस अधिकारी पूरी तरह से ज़िम्मेदार हैं जिन्होंने एफ़आईआर में बिना किसी पड़ताल के डॉ शर्मा पर धारा 302 लगा दी।

धर्मनगरियाँ कैसे सुधरें?

योगी जी अपने दूसरे कार्यकाल में ऐसे क्रांतिकारी और लकीर से हट कर नई सोच वाले कदम उठा पायेंगे या नहीं, ये तो वक्त ही बताएगा।

यदि मुस्लिम समस्या तब हल?

अब समय आ गया है कि शिक्षा, क़ानून और प्रशासन के मामले में देश के हर नागरिक पर एक सा नियम लागू हो।

जंग का भारत पर क्या असर होगा?

चूंकि बाजार में बहुत ज्यादा पूंजी नहीं है, इसलिए माना जा रहा है कि पहले की तुलना में महंगाई ज्यादा असर डाल सकती है।

यूपी में ये कैसे चुनाव भाषण?

विधानसभा चुनाव- जनता के टैक्स पैसे से गरीब जनता को ख़ैरात बाँटना और उनके स्वाभिमान पर ऐसे चोट करना!

पर्यावरण मंजूरी में सही प्रोत्साहन’

इस तरह के आत्मघाती विकास के पीछे बहुत सारे निहित स्वार्थ कार्य करते हैं जिनमें राजनेता, अफ़सर और निर्माण कम्पनियाँ प्रमुख हैं।

योगी की अलोकप्रियता से भगदड

चुनाव-2017 से ही योगी और उनकी ‘टीम इलेवन’ ही सरकार चला रही थी। विधायकों की भी कोई सुनवाई नहीं थी।

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