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पत्रकारिता का 25 साल का सफर सिर्फ पढ़ने और लिखने में गुजरा। खबर के हर माध्यम का अनुभव। ‘जनसत्ता’ में प्रशिक्षु पत्रकार से शुरू करके श्री हरिशंकर व्यास के संसर्ग में उनके हर प्रयोग का साक्षी। हिंदी की पहली कंप्यूटर पत्रिका ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, टीवी के पहले आर्थिक कार्यक्रम ‘कारोबारनामा’, हिंदी के बहुभाषी पोर्टल ‘नेटजाल डॉटकॉम’, ईटीवी के ‘सेंट्रल हॉल’ और अब ‘नया इंडिया’ के साथ। बीच में थोड़े समय ‘दैनिक भास्कर’ में सहायक संपादक और हिंदी चैनल ‘इंडिया न्यूज’ शुरू करने वाली टीम में सहभागी।
विपक्ष के पास मुद्दा क्या है

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है और पक्ष-विपक्ष दोनों तरफ रणनीति बनने लगी है।

सरकार के लिए क्या सबक है?

सरकार के लिए इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सबक यह है कि उसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के अनुरूप आम सहमति के साथ काम करना चाहिए।

किसानों को भरोसा क्यों नहीं हो रहा?

प्रधानमंत्री की जबान टकसाली सिक्के की तरह होनी चाहिए। लेकिन किसानों के मामले में ऐसा नहीं दिख रहा है। इसलिए यह प्रधानमंत्री और उनकी पूरी सरकार के ऊपर बहुत बड़ा सवाल है।

किसान जीते हैं तो जग जीता है

वर्ड्सवर्थ ने फ्रांसीसी क्रांति के बारे में लिखा था, ‘उस अरुणिम प्रभात में जीवित होना अद्भुत आनंद देने वाला था परंतु युवा होना तो स्वर्गिक ही था’। कुछ कुछ वैसी अनुभूति इस समय हो रही है।

अदालत की टिप्पणी, क्या एंकरों को शर्म आई?

पता नहीं न्यूज चैनलों पर एक-एक दर्जन मेहमान बैठा कर बेमतलब के विषयों पर निर्रथक बहसों में मुर्गा लड़ाई कराने वाले एंकरों को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से शर्म आई या नहीं?

यूपी का हर मुद्दा हिंदू-मुस्लिम!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी किसी तरह से हर मुद्दे को हिंदुत्व से जोड़ रही है, मुसलमान से जोड़ रही है और तालिबान से जोड़ रही है।

‘तोते’ को पालतू बनाए रखने के उपाय

तोते को हरी मिर्च बहुत अच्छी लगती है फिर भी यह मान्यता है कि आप कितनी भी हरी मिर्च खिलाएं, जैसे जैसे तोते की उम्र बढ़ती है उसके पालतू बनने या बने रहने की संभावना कम होती जाती है।

अफगानिस्तान में और पहल जरूरी

भारत ने अच्छी पहल की है, जो अफगानिस्तान के मसले पर सुरक्षा बैठक की।

कंगना एक प्रयोग का हिस्सा हैं

भाजपा की चुप्पी अपने आप में इस बात का संकेत है कि कंगना रनौत का बयान अनायास नहीं है और न बिना सोचे-समझे दिया गया है।

अंडरवर्ल्ड ही सत्य, सरकारें तो माया!

महाराष्ट्र खास कर देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में अंडरवर्ल्ड ही सत्य है। सरकारें माया हैं, आनी-जानी हैं लेकिन अंडरवर्ल्ड पहले भी था, अब भी है और आगे भी रहेगा।

भाजपा के आरोप और महामारी के नायक

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पांच पन्नों का एक राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेश किया।

ग्लासगो का लक्ष्य हासिल करने की चुनौती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मेलन में कई बड़े लक्ष्य घोषित किए, इस तथ्य के बावजूद कि कार्बन उत्सर्जन के मामले में अमेरिका और चीन जैसे देशों के मुकाबले भारत बहुत पीछे है।

कोरोना के लौटने का खतरा

कोरोना संक्रमितों की संख्या का आंकड़ा देखेंगे तो पहली नजर में लगेगा कि देश कोरोना से लगभग मुक्त हो गया है। संक्रमितों का आंकड़ा इस साल मार्च के अंत में दूसरी लहर शुरू होने से पहले वाली स्थिति में

पटाखे चला कर धर्म की रक्षा!

धर्म के सामने आया एक बड़ा खतरा टल गया है। दिवाली के दिन तक यह खतरा बना हुआ था। बहुसंख्यक हिंदुओं का दम घुट रहा था कि पता नहीं इस खतरे पर विजय प्राप्त की जा सकेगी या नहीं।

कांग्रेस का विकल्प नहीं है तृणमूल

यह आम धारणा है कि विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर कांग्रेस मजबूती से भाजपा और उसकी सरकार के खिलाफ नहीं लड़ रही है। यह बात कुछ हद तक सही है लेकिन पहले भी ऐसा ही रहा है।

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