जब मर्यादाएं टूटती हैं

कानून के राज और मर्यादाओं की सर्वोच्चता को समाज के सभ्य होने या बने रहने के लिए अनिवार्य समझा जाता है। आज भारत में ये दोनों ही चीजें दुर्लभ होती जा रही हैँ।

दुनिया की नई धुरी

अब यह कोई छिपी बात नहीं है कि चीन और रूस दुनिया में एक ऐसी धुरी बनाना चाहते हैं, जो अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती दे।

जनता आगे, पार्टियां पीछे

इस अनुभव के आधार पर यह साफ कहा जा सकता है कि जनता के रोजमर्रा के संघर्षों से राजनीतिक दलों का अब कोई नाता नहीं बचा है।

ये आग जो लगी है

सरकार की अग्निपथ योजना से सचमुच देश में आग भड़क उठेगी, सत्ता में ऊंचे पदों पर बैठे लोगों को इसका अंदाजा नहीं रहा होगा।

हम जहां के वासी हैं!

भारत में दहेज के गैर-कानूनी घोषित हुए 60 साल से ज्यादा हो गए हैं। दहेज के लिए परेशान करना या पैसे मांगना कानूनन अपराध है।

महंगाई के लिए कौन दोषी?

महंगाई से फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। इस हफ्ते थोक भाव सूचकांक (डब्लूपीआई) के जारी आंकड़े का यही संदेश है।

अग्नि-वीरों का अग्नि-पथ

क्या इस योजना का परिणाम यह नहीं होगा कि अग्निवीरों के आगे का रास्ता अग्निपथ बन जाएगा?

यूक्रेन बना बलि का बकरा?

यूक्रेन में रूसी सेना को मिली बड़ी कामयाबियों के बाद अब ऐसा लगता है कि अमेरिका में अपनी छवि बचाने की कोशिश शुरू हो गई है।

भरोसे के लिए जरूरी

नगालैंड पुलिस ने भारतीय सेना के 30 जवानों पर मुकदमा दर्ज किया है। जैसाकि पहली नजर में स्पष्ट था, ये जवान पुलिस की जांच में छह आदिवासी मजदूरों की हत्या के दोषी पाए गए।

कांग्रेस पार्टी की चिंताएं

कांग्रेस ने बेशक दम दिखाया। पार्टी नेताओं/ कार्यकर्ताओं ने देश को बताने की कोशिश की कि अगर उनके नेता को सरकार को सरकार परेशान करेगी, तो वे चुप नहीं रहेंगे।

वीडियो गेम्स की लत

ऑस्ट्रेलियाई नेशनल यूनिवर्सिटी में हुए शोध में इस बात के ठोस सबूत जुटाए गए थे कि वीडियो गेम खेलना धीरे-धीरे लत (एडिक्शन) बन जाती है।

कानून और बुल़डोजर

बहुत से लोगों को बुल़डोजर चलते देख खुशी होती है। इसलिए कि जिस समुदाय के प्रति उनके मन में द्वेष भाव भरा गया है, अभी यह उससे जुड़े लोगों पर ही चल रहा है।

बड़ी ताकतों के बीच

पाकिस्तान में आम जन भावना है कि चीन एक ऐसा दोस्त है, जो हर संकट के समय पाकिस्तान के काम आया है। इसके बावजूद देश में एक मजबूत अमेरिकी लॉबी रही है।

जरूरत संयम की है

पैगंबर मोहम्मद पर भारतीय जनता पार्टी के दो पूर्व प्रवक्ताओं की टिप्पणियों का मामला जिस तरह सुलग उठा है, वह इस देश के लिए एक खतरनाक संकेत है।

पर्यावरण की फिक्र किसे!

पर्यावरणीय प्रदर्शन इंडेक्स (ईपीआई) में भारत 180 देशों की सूची में आखिरी 180वें स्थान पर है।

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