छात्रों पर सियासी नज़र!
परीक्षा व्यवस्था का भ्रष्ट होना समस्या का सिर्फ एक पहलू है। शिक्षा का उत्तरोत्तर महंगा होना और ऊंची डिग्रियों के...
परीक्षा व्यवस्था का भ्रष्ट होना समस्या का सिर्फ एक पहलू है। शिक्षा का उत्तरोत्तर महंगा होना और ऊंची डिग्रियों के...
जेनरेटिव एआई से छात्र अवधारणाओं को बिना समझे असाइनमेंट पूरा कर लेते हैं। एआई पर निर्भरता उनके मानसिक प्रयास को क...
कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों के लिए 2022-23 में 346 करोड़ रुपये जारी किए गए थे,
कहना कठिन है कि किसानों का संघर्ष कितना प्रभावी होगा। लेकिन यह साफ है कि किसान- मजदूर वर्गों में वर्तमान आर्थिक ...
अपने यहां चर्चाओं के अभिजात्यवादी स्वरूप का ही उदाहरण है कि ई-20 का चलन बढ़ने ...
भाजपा का नैरेटिव कंट्रोल प्रचार तंत्र की कमजोरी के कारण नहीं टूटा। यह कमजोर पड़ा है,
रिपोर्ट इस सोच चुनौती देती है कि स्टेशनों का आधुनिकीकरण बुनियादी यात्री सेवाओं की गारंटी कर देता है। जहां स्टेशन...
हकीकत से कटे नैरेटिव्स का अपना जीवनकाल होता है। जब उनका सामना विपरीत होते जमीनी हालात से होता है
अमेरिका के खिलाफ चीन से सहयोग करने का दोष भारत पर भी लगाया गया है। इसके अलावा जापान,
बीते कुछ वर्षों में अचानक ऐसा क्या हो गया, जिससे भारतीय खाद्य पदार्थ दुनिया में संदेह और एतराज का निशाना बनने लग...
टाटा परिवार आम चलन को तोड़ कर बाहर के व्यक्ति को चेयरमैन बनाने की उदारता तो दिखाता है, लेकिन उसे स्वतंत्र निर्णय...
एक समय अंतर-राज्यीय परिषद जैसे मंच थे, जहां केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़े मुद्दों पर खुली चर्चा से अक्सर आम सहमत...
उन कदमों पर विचार अनिवार्य है, जिनसे दुस्साहसी कार्रवाइयों को चीन के लिए महंगा बनाया जाए। ऐसा तभी हो सकता है, जब...
अडानी धन की ताकत से वे अमेरिका में भी बरी हो गए हैँ। मगर इस क्रम में यह भी साफ हुआ है कि अमेरिकी न्याय व्यवस्था ...