राजनीति में चौपट हुई पुलिस

हाल में दिल्ली पुलिस ने हमारे आरडब्लूए (रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) को एक एडवायजरी भेजी। इसमें लोगों…

क्या हो गया बॉलीवुड को?

बात गोल्डन ग्लोब अवार्ड समारोह की है। हास्य अभिनेता और निर्माता-निर्देशक रिकी गार्वेस ने फिल्मी जमात…

नई शुरुआत, नई मुश्किलें

गुजरे साल की 31 दिसबंर की रात हरेक के लिए अलग थी। कुछ लोग अगर नाच-गाने,…

साल जो गुजर गया

साल 2019 खत्म होने को है। कईयों के लिएयह राहत की बात है। आखिर बहुत उतार-चढ़ाव…

बुरे से कुरूप होते जाने की कहानी!

भारत आखिर किस दिशा में जा रहा है? आने वाले अगले दशक में भारत की क्या…

कश्मीर पर बात से करें परहेज!

क्या‍ हम कश्मीर को कभी समझ सकते हैं? इससे भी बड़ी बात यह कि क्या हम…

क्या फर्क है मोदी और कांग्रेस में?

राजनीति कला है, संभावनाओं का खेल है मगर हाल में उसका जैसा ह्रास हुआ है, क्षुद्र…

अमेरिका में भी है अंध, रूढ़ समाज!

संयोग से ही किताब मिली। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी ख्याति और कामयाबी हासिल करने व…

जेएनयू को ऐसे खत्म करना महापाप!

दो साल पहले की बात है। मैंने घर के लिए उबर ली थी। पूरे रास्ते ड्राइवर…

दुनिया में उथल-पुथल, बेचैनी और भारत

दुनिया उथल-पुथल, अव्यवस्था के गड़बड़झाले में है। एक तरफ लोकलुभावन राजनीति से दक्षिणपंथी नेताओं का दबदबा…

विकल्प हमेशा हैं

सबसे पहले तो मैं ईमानदारी बरतूंगी। न तो मैंने हरियाणा विधानसभा चुनाव कवर किया था, न…

नाजुक वक्त और कश्मीर के सवाल

इकतीस अक्तूबर को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटे अस्सी दिन पूरे हो जाएंगे। इन अस्सी दिनों…