जापान “आयरन लेडी” की कमान में!
इन दिनों दुनिया की सबसे ताकतवर महिला के रूप में “आयरन लेडी” सानाए ताकाइची वैश्विक चर्चा के केंद्र में हैं। जापान में उनक...
इन दिनों दुनिया की सबसे ताकतवर महिला के रूप में “आयरन लेडी” सानाए ताकाइची वैश्विक चर्चा के केंद्र में हैं। जापान में उनक...
बांग्लादेश में “न्यू बांग्लादेश” का जनादेश है। चुनाव में बीएनपी को स्पष्ट बहुमत मिला है और तारिक रहमान की कमान मजबूती से...
क्या आप रात के भोजन में “दही फोम पर चार्ड पाइनऐप्पल के साथ कोशंबरी” या “कटहल और केले के फूल की सींख” खाना चाहेंगे? या मि...
पिछले हफ्ते वॉशिंगटन पोस्ट में हुई छँटनी चौंकाने वाली नहीं थी। एक कॉरपोरेट फ़ैसले के तहत तीन सौ से ज़्यादा पत्रकार और कर...
यह कोई साधारण आंकड़ा नहीं है। ऐसा सत्य है, जो पढ़ते ही दिल-दिमाग दोनों को झिंझोडता है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट ने बताया...
किसने कल्पना की थी एक दिन ऐसा भी आएगा जब रूस को अमेरिका दुश्मन की तरह देखना बंद करेगा? इतना ही नहीं वह यूक्रेन मसले पर स...
कौन सोच सकता था कि पश्चिमी दुनिया की उन राजधानियों में लोकतंत्र लुढकेगा जिन्होंने कभी इसके धर्मग्रंथ लिखे थे! मगर आज यह...
कौन सोच सकता था कि “नियम-आधारित व्यवस्था” का अपने को संरक्षक बताने वाला अमेरिका एक दिन दुनिया में अछूत बनने की और होगा? ...
कभी समय था जब सियासी असहमति का मतलब बहसबाजी थी। तथ्य तौलने के लिए रखे जाते थे। तब तर्कों की कसौटी होती थी, और गर्मागर्म ...
भारत इन दिनों अलग ही तरह के नए जनवाद की लहर पर सवार है। हर चुनाव इस ज्वार को और ऊँचा कर देता है। लहर अब इतनी प्रबल है कि...
कितना हैरानी भरा है यह! आप चाहें तो सिर पकड़ लें, मन टूटता महसूस करें, चिंता में घुल जाएँ, पर सच दो टूक, अडिग खड़ा है। फिर...
कांग्रेस को अब आत्ममंथन की ज़रूरत नहीं है बल्कि कायाकल्प याकि राजनीतिक पुनर्जन्म, या फिर एक शांत, गरिमापूर्ण राजनैतिक मौ...
एक समय था जब फॉलोअर्स की संख्या से क़ीमत तय होती थी। जिसके ज़्यादा अनुयायी, वही असरदार, वही ‘प्रासंगिक’। मतलब भीड़ का आक...
और इसलिए नहीं क्योंकि हम एक संतुष्ट, आत्मसंतोषी देश बन चुके हैं बल्कि इसलिए कि हम विरोध करना ही भूल गए हैं।पिछले एक हफ़्...
सत्ता, एक बार मिल जाए तो छूटती नहीं। वह धीरे-धीरे रगों में आदत बनकर उतर जाती है, और फिर वही मृगतृष्णा बनी हुई होती! ...