• प्रथम चरण की 6 सीटों पर आज थामेगा चुनाव प्रचार

    प्रदेश में प्रथम चरण में जिन 6 सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होना है उन सभी सीटों पर आज शाम 5 बजे चुनावी शोरगुल थम जाएगा और घर-घर दस्तक देना शुरू हो जाएगा लेकिन अंतिम ओवर की तरह अंतिम दिनों में भाजपा और संघ ने अपनी पूरी ताकत झौंक दी है। दरअसल जिन 6 सीटों सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में 19 अप्रैल को मतदान होना है। यह सभी सीटें आदिवासी वर्ग के मतदाताओं की बाहुल्यता वाली सीटें हैं। इसमें छिंदवाड़ा सीट पिछले 40 वर्षों से कमलनाथ का गढ़ बन चुकी है और भाजपा इस...

  • मंडला की मुश्किलों को मोदी मंत्र का सहारा

    भोपाल। प्रदेश की कुछ ही सीटें हैं जहां कांग्रेस जीत की उम्मीद में लड़ रही है पहले चरण की 6 सीटों पर आदिवासी मतदाताओं की संख्या निर्णायक भूमिका में है उसमें मंडला लोकसभा में सर्वाधिक 57% की आबादी आदिवासी वर्ग की है दोनों ही दोनों के आदिवासी उम्मीदवार आदिवासी मतदाताओं को बांटने में जुटे हैं लेकिन अन्य वर्ग के मतदाताओं को भाजपा मोदी का मंत्र फूंक रही है जिसके चलते ही मंडला की मुश्किलें दूर हो सकती है। दरअसल एक समय मंडला लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ रही है लेकिन अब यह सीट भाजपा का गढ़ बन चुकी है केंद्रीय...

  • गढ़ को बचाने कमलनाथ का भाजपा से कांटे का मुकाबला

    भोपाल। देश में 400 सौ का लक्ष्य लेकर भाजपा चुनाव मैदान में उतरी है इसके लिए जरूरी है कि मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर भाजपा चुनाव जीते लेकिन इसमें सबसे बड़ा रोडा कमलनाथ बने हुए है इस बार भी यहां कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस प्रत्याशी की बजाय भाजपा कमलनाथ को निशाने पर लिए हुए भाजपा प्रत्याशी की स्थिति भी कांग्रेस प्रत्याशी की तरह हो गई है। प्रथम चरण की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट दरअसल प्रथम चरण में प्रदेश में जिन छह लोकसभा सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होना है उसमें सबसे रोचक मुकाबला छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में बना...

  • लड़ाने वाले खुद लड़ रहे खंदक की लड़ाई

    भोपाल। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहते दिग्विजय सिंह कमलनाथ और कांतिलाल भूरिया कभी पूरे प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में सभी सीटों पर प्रत्याशियों को लड़ाते थे वक्त का तकाजा है कि इस समय दोनों नेता अपने-अपने क्षेत्र में खंदक की लड़ाई लड़ रहे हैं। दरअसल पूरे देश के साथ-साथ प्रदेश में भी कांग्रेस एक ऐसे संकट के दौर से गुजर रही है जब उसके नेता एक-एक करके पार्टी छोड़कर जा रहे हैं प्रदेश कांग्रेस की कमान युवा प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार संभाल रहे हैं पिछले तीन दशक से दिग्विजय सिंह और...

  • वेद कब रचे गए?

    ऋग्वेद को प्राप्त करने वाले ऋषि अग्नि होते हैं, यजुर्वेद को प्राप्त करने वाले ऋषि वायु, सामवेद को प्राप्त करने वाले ऋषि आदित्य और अथर्ववेद को प्राप्त करने वाले ऋषि अंगिरा होते हैं। ये ऋषि फिर मिलकर ऋषि ब्रह्मा को इन वेदों का उपदेश देते हैं। इस प्रकार चारों वेदों के ज्ञाता ब्रह्मा पहले ऋषि होते हैं। तदनन्तर ये ऋषि अन्य ऋषियों और मनुष्यों को इस ज्ञान का उपदेश देते हैं। संसार के सर्वप्राचीन ग्रंथ, वेदों के लिखे जाने के संबंध में अनेक विचार प्रचलित हैं।बहुत सी भ्रांतियाँ हैं। ऐसी मान्यता है कि वेद अपौरुषेय ग्रंथ हैं। इनका प्रादुर्भाव मनुष्यों...

  • दिग्गजों पर चुनाव लड़ने का दबाव

    भोपाल। प्रदेश में पहले चरण में 6 सीटों पर मतदान होना है उन सीटों पर नामांकन पत्र दाखिल करने का सिलसिला शुरू हो गया है वहीं कांग्रेस में 18 प्रत्याशियों की सूची आज रात तक आने की संभावना है। जिस तरह से पार्टी के दिग्गज नेताओं पर चुनाव लड़ने का दबाव बनाया जा रहा है उससे सूची अब तक नहीं जारी हुई। अभी भी दिग्गज नेता चुनाव न लड़ना पड़े इसके प्रयास कर रहे हैं। अब देखना है कि पार्टी चुनाव लड़ने में सफल होती है या दिग्गज नेता चुनाव न लड़ने में सफल हो जाते हैं। दरअसल, भाजपा ने...

  • प्रत्याशियों की प्रत्याशा में कांग्रेस

    भोपाल। लोकसभा चुनाव के लिए आज से नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। भाजपा नेताओं ने मैदान में मोर्चा संभाल लिया है जबकि कांग्रेस को अभी भी 19 सीटों पर प्रत्याशियों का इंतजार है। दरअसल, लोक सभा का क्षेत्रफल विशाल होता है। अधिकांश लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा में आती हैं ऐसे में प्रत्याशियों को पूरे क्षेत्र में जनसंपर्क करने के लिए बहुत कम समय मिलता है। Lok Sabha election 2024 यह भी पढ़ें: नेतन्याहू न मानेंगे, न समझेंगे! इस दृष्टि से भाजपा ने प्रत्याशी घोषित करने में बढ़त बना ली है। उसके सभी 29 लोकसभा क्षेत्र...

  • दिग्गजों की तलाश में कांग्रेस लगा रही कांग्रेस दम

    भोपाल। लोकसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है प्रदेश में चार चरणों में 29 लोकसभा क्षेत्र के चुनाव होंगे भाजपा के सभी प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। कांग्रेस में अब तक 10 प्रत्याशी घोषित किए हैं। शेष 19 प्रत्याशियों की घोषणा के पहले पार्टी दमदार उम्मीदवारों की तलाश में पूरा दम लगा रही है। दरअसल, बड़ी उम्मीद के साथ कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव लड़ा था उनके दावे थे सरकार बनाने के लेकिन प्रदेश में पार्टी की करारी हार हो गई और उसके बाद भोपाल से लेकर दिल्ली तक हार के कारणों की समीक्षा हुई। Lok Sabha election 2024 यह भी...

  • भाजपा प्रत्याशी मैदान में कांग्रेस में मंथन

    भोपाल। प्रदेश में सभी 29 लोकसभा क्षेत्र के लिए भाजपा के उम्मीदवार घोषित हो गए हैं। कांग्रेस ने अब तक 10 उम्मीदवार घोषित किए हैं। 19 सीटों पर मंथन जारी है। भाजपा प्रत्याशियों में नए और पुराने का तालमेल है। Lok Sabha election 2024 यह भी पढ़ें: चुनावी बॉन्ड से क्या पता चलेगा दरअसल, विधानसभा चुनाव की तरह ही भाजपा ने लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी घोषित करने में कोई देर नहीं की। पहले लिस्ट में 24 प्रत्याशी घोषित हुए थे और बुधवार की दूसरी हुई लिस्ट में मध्यप्रदेश के शेष पांच प्रत्याशी भी घोषित हो गए हैं और इस तरह...

  • प्रत्याशियों पर बनने लगी सहमति

    भोपाल। अब जबकि लोकसभा चुनाव की कभी भी घोषणा हो सकती है तब राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों के नाम पर सहमति बनाने लगे हैं भाजपा ने पहले ही 24 प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, शेष पांच प्रत्याशी आजकल में घोषित हो सकते हैं। वहीं कांग्रेस ने 14 सीटों पर प्रत्याशी तय कर लिए हैं शेष सीटों पर फैसला आज होने की संभावना है। दरअसल, सोमवार शाम को पहले कांग्रेस की और फिर भाजपा की बैठक दिल्ली में हुई जिसमें अन्य राज्यों के साथ-साथ मध्यप्रदेश के लोकसभा क्षेत्र में भी प्रत्याशियों के नाम पर लगभग सहमति बन गई है नाम की...

  • लोकसभा में भी चौकने वाले चेहरे

    भोपाल। विधानसभा चुनाव की तरह एक बार फिर भाजपा ने चौंकाने वाले चेहरे लोकसभा चुनाव के मैदान में उतारे हैं। शायद ही किसी ने सोचा होगा कि विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रत्याशी लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे लेकिन भाजपा ने चार प्रत्याशी मैदान उतारे हैं जो विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। यही नहीं पांच मौजूद सांसदों के टिकट काटे हैं तो इंदौर जैसी सुरक्षित सीट और छिंदवाड़ा जैसी कठिन सीट होल्ड पर करके भी चौकाया है। BJP candidate list 2024 दरअसल, भाजपा इस समय चौकने वाले फैसलों के लिए पहचाने जाने लगी है। विधानसभा चुनाव में भी जिस तरह से प्रत्याशी...

  • लोकसभा में भाजपा का यादव दांव

    भोपाल। जब डॉक्टर मोहन यादव को भाजपा ने मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया था तब शायद ही किसी ने सोचा होगा की मध्य प्रदेश के अलावा भी भाजपा इस यादव दांव का उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी करेगी लेकिन अब यह दांव चलते हुए पार्टी दिखाई दे रही है। दरअसल भाजपा के रणनीतिकार पिछड़ा वर्ग की यादव जाति को पार्टी से जोड़ने और मध्य प्रदेश के साथ-साथ बिहार एवं उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में विपक्ष को कमजोर करने के लिए लंबे अरसे से प्रयास कर रहे थे एक समय मध्य प्रदेश में बाबूलाल गौर को मुख्यमंत्री बनाया...

  • अब पैनल में दिल्ली की पसंद के लिए धड़कन

    भोपाल। प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के लिए भाजपा और कांग्रेस की पैनल दिल्ली पहुंच गई है इस पैनल में से अब दिल्ली मापदंडों के आधार पर अपनी पसंद का उम्मीदवार तय करेगी दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई है क्योंकि अब कभी भी प्रत्याशियों की सूची जारी हो सकती है। दरअसल मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठकों का दौर चला इसके बाद लोकसभा वार पैनल तैयार किए गए I Lok Sabha election 2024 बुधवार की सुबह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा लोकसभा चुनाव के प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और सतीश उपाध्याय...

  • वीडी के लिये बढ़ी विजय का अवसर

    भोपाल। पिछले लोकसभा चुनाव में खुजराहों सै बड़ी जीत हासिल करने वाले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के लिए एक बार फिर अवसर आया है जिसमें वे और भी बड़ी जीत हासिल कर सकते हैं क्योंकि कांग्रेस ने गठबंधन में यह सीट समाजवादी पार्टी को दे दी है जिसका ना तो इस क्षेत्र में संगठन है और ना ही जनाधार पिछले विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने खजुराहो लोकसभा क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। दरअसल पिछले लोकसभा चुनाव में खजुराहो लोकसभा सीट से चुनाव के कुछ दिन पहले ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त...

  • टिकट की खिड़की तलाशते दावेदार

    भोपाल। संभावनाएं जताई जा रही है की मार्च के पहले हफ्ते में लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो जाएगी और इसके पहले उम्मीदवार लगभग तय कर लिए जाएंगे ऐसे में प्रमुख दलों से टिकट के दावेदार इधर-उधर भटक रहे हैं लेकिन उनको वह खिड़की समझ में नहीं आ रही जहां से लोकसभा का कंफर्म टिकट मिलेगा। दरअसल राजनीति में अब इतनी घुमावदार हो गई है की आसानी से समझ में नहीं आती पहले एक पैटर्न हुआ करता था चाहे टिकट वितरण का हो या चाहे पार्टी में नेताओं को जवाबदारी देने का हो लेकिन अब कोई पैटर्न नहीं...

  • क्या होगा कमलनाथ का अगला कदम

    भोपाल। राजनीतिक गलियारों में इस समय यही एक यक्ष प्रश्न पूछा जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का अगला कदम क्या होगा यदि वे भाजपा में जाते हैं तो कितने लोगों को साथ लेकर जाते हैं और वह नहीं जाते तो उनके पुत्र और उनके साथ कितने लोग भाजपा में जाते हैं ऐसे तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं। कमलनाथ दिल्ली में है और उनके समर्थक भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। दरअसल, शनिवार को छिंदवाड़ा से दिल्ली रवाना होने के पूर्व मीडिया से चर्चा करते हुए कमलनाथ ने जब यह कहा जो भी होगा आप लोगों को बता...

  • हरदा हादसे से सत्र की हंगामेदार शुरुआत

    भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र का पहला दिन राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ लेकिन विपक्षी दल के सदस्यों ने पहले संकल्प पत्र लहराते हुए सदन के अंदर जमकर नारेबाजी की और बाद में हरदा हादसा को लेकर विपक्षी सदस्य ने हंगामा किया। दरअसल, विधानसभा सत्र शुरू होने के एक दिन पहले इस तरह से हरदा में दिल दहलाने वाला हादसा हुआ है। उसके कारण विपक्ष सरकार को भेजने की कोशिश में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मामले की गंभीरता को समझ रहे हैं और लगातार सक्रिय है। हरदा के एसपी कलेक्टर को हटा दिया गया है। हरदा पहुंचकर मुख्यमंत्री...

  • दिल्ली : ऊंट आया पहाड़ के नीचे

    भोपाल । दिल्ली के वाचाल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगता है कि इस बार भाजपा पर अपने विधायकों को खरीदने का आरोप लगा कर इस बार फंस गए लगते हैं। उन्होंने दो दिन पहले भाजपा पर आरोप लगाया था कि भाजपा के नेता ने उनकी पार्टी आम आदमी पार्टी के 7 विधायकों को खरीदने के लिए 25-25 करोड़ रुपए का ऑफर दिया है। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि भाजपा उनकी सरकार को धनबल का उपयोग कर गिराना चाहती है। बाद में आम आदमी पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि ऐसा ऑफर 'आप' के 21 विधायकों को ऐसा ऑफर...

  • मंत्रियों को मंत्री होने का महत्व

    भोपाल। मंत्री केवल गाड़ी, बंगला या रूतबे के लिए नहीं बल्कि मंत्री आमजन कार्यकर्ता और पार्टी के लिए भी मददगार हो जिनके कारण ही मंत्री बनते हैं। उठने - बैठने से लेकर बोलने और अधिकारियों से कामकाज करने तक का प्रशिक्षण मंत्रियों को दिया गया है। चहुंओर से मंत्री होने का महत्व समझाया गया है। दरअसल, राजधानी भोपाल के अटल बिहारी वाजपई सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में प्रदेश के मंत्रियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिक्षण कार्यक्रम रविवार शाम को समाप्त हुआ इन दो दिनों में पार्टी नेताओं और विषय विशेषज्ञों ने मंत्रियों को छोटी-छोटी बातों से लेकर बड़े-बड़े फैसले...

  • कांग्रेस में दिग्गज नहीं दिखा रहे दम

    भोपाल। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी पराजय के बाद कार्यकर्ताओं से ज्यादा हताशा कांग्रेस के दिग्गज नेता दिखा रहे है। मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कमलनाथ लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कोई उत्साह दिखाते नजर नहीं आ रहे जबकि इन दोनों की जोड़ी ने 2018 के विधानसभा चुनाव 2019 के लोकसभा चुनाव और 2023 के विधानसभा चुनाव में भारी दम खम दिखाया। दरअसल, प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को 2023 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में सरकार बनाने की उम्मीद है। 2018 की तरह बन गई थी लेकिन करारी हार मिलने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व में जिस...

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