भोपाल। बुधनी एवं विजयपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के परिणाम 23 नवंबर को आएंगे तब तक राजनीतिक दल और प्रत्याशी गुणा-भाग लगाने में जुटे हुए हैं। कोई मतदान के प्रतिशत को अपने पक्ष में बता रहा है, कोई मतदाताओं का रुझान के आधार पर जीत बता रहा है। कांग्रेस ने मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए चुनाव आयोग से मांग की है कि रामनिवास रावत के रिश्तेदारों को मतगणना की ड्यूटी से बाहर रखा जाए।
दरअसल, विजयपुर विधानसभा एवं बुधनी विधानसभा को जीतने के लिए दोनों ही दलों ने अथक परिश्रम किया है। बुधनी की बजाय विजयपुर में संघर्षपूर्ण मुकाबला हुआ जहां मारपीट की घटनाएं भी हुई। बूथ कैपचरिंग और फर्जी मतदान के आप भी लगाए गए। हालांकि बाद में इस तरह के आरोपों को कांग्रेस के प्रत्याशी ने ही नकार दिया। 13 नवंबर को मतदान होने के बाद से ही दोनों ही विधानसभा क्षेत्र में जीत-हार को लेकर गुणा भाग लगाए जा रहे हैं। दोनों ही दल अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। दोनों ही विधानसभा क्षेत्र में पिछली बार की बजाय इस बार मतदान का प्रतिशत घटा है जबकि उपचुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ जाता है और इसी घटे हुए मतदान को राजनीतिक दल अपने-अपने हिसाब से अपने-अपने पक्ष में बता रहे हैं।
बहरहाल, मतदान होने के बाद से ही पोलिंग एजेंट से रिपोर्ट लेने के बाद राजनीतिक दलों की धड़कने बढ़ी हुई है। विजयपुर में कांग्रेस ने पहले 37 मतदान केंद्रों पर पुनः मतदान की बात की लेकिन बाद में क्षेत्र से फीडबैक लेने के बाद उसने अपनी मांग पर ज्यादा जोर नहीं दिया। बुधनी की बजाय विजयपुर में जीत के प्रति कांग्रेस कुछ ज्यादा ही आशान्वित है जबकि भाजपा दोनों ही सीटों पर जीत का दावा कर रही है। इन सीटों के चुनाव परिणाम का असर दोनों ही दलों में देखने को मिलेगा। इस कारण भी परिणाम के प्रति उत्सुकता कुछ ज्यादा ही है। भाजपा में जहां संगठन चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है और भी कुछ महत्वपूर्ण निर्णय जिनमें निगम-मंडलों में नियुक्तियां शामिल है, चुनाव परिणाम के बाद इन सब पर निर्णय लिया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस की एक बड़ी बैठक 21 एवं 22 नवंबर को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में होने जा रही है जिसमें नवगठित प्रदेश कार्य समिति और प्रदेश स्तरीय समितियां की बैठक होगी। इन बैठकों में कांग्रेस के दिग्गज प्रदेश पदाधिकारी के साथ जिले से लेकर ब्लॉक, मंडल सेक्टर और बूथ तक के संगठन में बदलाव को लेकर विचार मंथन किया जाएगा। कल तक बैठक का एजेंडा फाइनल कर लिया जाएगा।
कुल मिलाकर बुधनी एवं विजयपुर विधानसभा के उपचुनाव के परिणाम की प्रतीक्षा बेसब्री से हो रही है। जीत – हार के दावे किए जा रहे हैं। स्थानीय नेताओं से बार-बार फीडबैक लिया जा रहा है। इन परिणामों के बाद प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जाने हैं। इस कारण भी परिणाम की प्रतीक्षा है।
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Image Source: ANI


