Loading... Please wait...

शंकर शरण All Article

नेहरू के बाद फिर नेहरू ही!

सर वी. एस. नायपॉल को 2001 (साहित्य) में तथा अमर्त्य सेन को 1998 (अर्थशास्त्र) में नोबेल पुरस्कार मिला था। उस दौरान यहाँ वाजपेई नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी सरकार थी। सेन हिन्दू-विरोधी वामपंथी थे जबकि नायपॉल गहरे हिन्दू-समर्थक और स्वतंत्रचेता थे। और पढ़ें....

हिन्दू हाथ में इस्लाम की तलवार

बादशाह अकबर के समय मुहावरा शुरू हुआ: ‘हिन्दू हाथों में इस्लाम की तलवार’। तब जब अकबर ने राजपूतों से समझौता कर अपने साम्राज्य के बड़े पदों पर रखना शुरू किया। और पढ़ें....

पतित हिन्दुओं का क्या करें!

संत तुलसीदास ने लिखा है: ‘कीन्ह मोह बस द्रोह जद्दपि तेहि कर बध उचित।’ यह इन्द्र पुत्र जयंत के लिए था जिस ने एक बार कौए का वेश धर सीताजी के पैर में चोंच मार घायल कर दिया। और पढ़ें....

जनता को भी कुछ करना चाहिए!

रोहिंग्या जैसे विदेशी घुसपैठिए हजारों की संख्या में भारत में घुस जहाँ-तहाँ बस रहे हैं। अखबारों में उन की फोटो तथा गतिविधियों की खबरें आती रही है। उन से देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा है। और पढ़ें....

क्या कांग्रेस मुस्लिम लीग में बदल रही है?

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से अधिक सेना ने आम लोगों को मारा। सैफुद्दीन सोज ने कश्मीर को भारत से अलग मनवाने की कोशिश की। और पढ़ें....

नैयर- अमित शाह मुलाकातः किस से मिलने गए, क्यों?

कुलदीप नैयर से भाजपा नेता मिलने गए। तब अटपटा लगा था। एक आदतन हिन्दू-विरोधी, इस्लाम-परस्त और पाकिस्तान-प्रेमी पत्रकार के पास इतने बड़े हिन्दू-राष्ट्रवादी क्या पाने गए थे? और पढ़ें....

हिन्दू दुर्दशा- एक अनोखे विधेयक की कथा

लोक सभा में एक अनोखा बिल (नं. 226/2016) विचार के लिए पड़ा हुआ है। यह संविधान की धारा 25-30 की सही व्याख्या तथा धारा 15 में गलत संशोधन को रद्द करने से संबंधित है। और पढ़ें....

वीर सावरकर की विरासत

28 मई। वीर सावरकर की जयन्ती। मतलब दो दिन पहले गुजरा दिन। विचार किया जाए कि जिन हिन्दू राष्ट्रवादियों को नेताओं की जयंती, बरसी आदि मनाने में बड़ा उत्साह रहा है और पढ़ें....

← Previous 12345678
(Displaying 1-10 of 71)
शंकर शरण

शंकर शरण

bauraha@gmail.com

© 2018 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech