आरोप-प्रत्यारोप से चूक बनता चुनावी मुद्दा

पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक को लेकर मध्यप्रदेश में भी भाजपा और कांग्रेस आमने सामने हैं।

पंचायत प्रतिनिधियों से पैसों के अधिकार निरस्त

पंचायत चुनाव स्थगित होने के बाद अब पूर्व सरपंचों जनपद अध्यक्षों और जिला पंचायत अध्यक्षों अधिकार भी निरस्त कर दिए हैं।

फिर कष्टकारी होता कोरोना…!

प्रदेश में महानगरों के साथ-साथ छोटे जिलों और छोटे बच्चों में भी कोरोना संक्रमण बढ़ने लगा है। मंत्रालय से लेकर गलियों तक पहुंच गया है।

उठापटक के बीच संघ की समन्वय बैठकें

प्रदेश में राजनैतिक उठापटक चल रही है। कहीं ओबीसी आरक्षण को लेकर तो कहीं पंचायत के चुनाव को लेकर लेकिन इन सबके बीच संमिधा में संघ बारी बारी से मंत्रियों के साथ बैठकर कर रहा है।

समस्याओं के समाधान के लिए समीक्षा

दरअसल नया वर्ष शुरू होते ही विभिन्न क्षेत्रों में नए संकल्प लिए जाते हैं और पिछले साल की समीक्षा भी की जाती है और आगामी दिनों के लिए ऐसी रणनीति बनाई जाती है

अस्त व्यस्त पंचायत चुनाव निरस्त

लंबे अरसे बाद होने जा रहे पंचायती राज के चुनाव मैं निरस्त होने के बाद अब कब हो पाएंगे कहना मुश्किल है इतना रायता फैल गया है जो आसानी से सिमटने वाला नहीं है

जनाधार बढ़ाने के लिए भाजपा की जद्दोजहद

प्रदेश और देश में लगातार सरकार में रहने के कारण एंटी इनकंबेंसी भी पनप सकती है और जनाधार भी कम हो सकता है इसलिए भाजपा बूथ से लेकर पूरे देश में 11% जनाधार बढ़ाने के लिए जद्दोजहद कर रही है।

त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव: मतदान होगा मतगणना नहीं

जिस तरह एक को छुपाने के लिए हजार झूठ बोलना पड़ता है और अंत में झूठ सामने आ ही जाता है कुछ इसी तरह का हो रहा है 

संशय के सन्नाटे में पंचायती चुनाव

एक तरफ जहां राजधानी भोपाल इस समय त्रिस्तरीय पंचायती राज के चुनाव में आरक्षण के मुद्दे को लेकर अखाड़ा बना हुआ है वहीं दूसरी ओर जिनके लिए यह खींचतान हो रही है

मप्र: अब पिछड़ों पर छिड़ी पंचायत

आए थे हरि भजन को और ओटन लगे कपास कुछ ऐसा ही प्रदेश में हो रहा है राजनीतिक दल सरकार राज्य निर्वाचन आयोग और न्यायालय सभी की मनसा त्रिस्तरीय पंचायती राज के चुनाव को कराने की थी

त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव: विचित्र किंतु सत्य

प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है इसके अंतर्गत लगभग चार लाख पदों के लिए निर्वाचन होना है।

चित्रकूट के घाट पर भई संतों की भीड़

चित्रकूट में विशाल हिंदू एकता महाकुंभ में साधु-संतों की उपस्थिति हिंदू समाज के सभी लोगों के लिए प्रभावित कर रही है और चाहे पंथ  अनेक हो सब हिंदू एक हो का नारा बुलंद कर रही है।

22 से 23 की तैयारिया होगी तेज

प्रदेश के दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल मिशन 2023 की तैयारियों में जुट गए हैं

उप्र चुनाव: मध्य प्रदेश से मदद

देश का हृदय कहा जाने वाला मध्यप्रदेश देश के प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए मदद करने में भी आगे है।

प्यासे बुंदेलखंड को केन बेतवा से बंधी आस

वर्ष 2002 में केन और बेतवा नदी को जोड़ने की योजना बनी थी जिसको अभी 2021 मैं केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस दौरान आठ हजार करोड़ की परियोजना अब 44000 करोड़ से ज्यादा की हो गई है।

और लोड करें