युद्ध से नहीं, केकड़ा राजनीति के देशों से है लोगों का नारकीय जीवन!
हाल में 143 देशों के लोगों के ‘आनंद’, ‘खुशी’, ‘प्रसन्नता’ की तुलना वाली वैश्विक रिपोर्ट आई। वर्ष 2024–2025 की तस्वीर थी।...
हाल में 143 देशों के लोगों के ‘आनंद’, ‘खुशी’, ‘प्रसन्नता’ की तुलना वाली वैश्विक रिपोर्ट आई। वर्ष 2024–2025 की तस्वीर थी।...
क्या यूक्रेन-रूस की लड़ाई से भी लंबी? संभव है! इसलिए क्योंकि रूस-यूक्रेन की लड़ाई जमीनी है। दो सेनाओं का आमना-सामना है। ...
आज लिखना शुरू करने ही वाला था कि ‘द इकॉनोमिस्ट’ पत्रिका के ऐप पर आज के ही (8 मार्च 2026) Today’s Quote खंड में ...
ओह! इक्कीसवीं सदी। इस सदी के प्रारंभ की एक तारीख 9/11 की थी। ताज़ा तारीख 2/28 है। और 26 वर्षों की इस पूरी अवधि के प्रतीक...
देश-सभ्यता विशेष को व्यक्ति विशेष कितना तबाह कर देता है और संविधान, सुप्रीम कोर्ट कैसे देश बचाने की ढाल बनते हैं, इसका प...
देश इन दिनों सत्य-शोध की कोयला खदान है, जिससे यदा-कदा निकले चमकीले कण दिमाग़ और बुद्धि को खदबदा देते हैं। हाल में रक्षा ...
चाहे तो इसे पतनगामी पूंजीवाद का मकड़जाल कहें या अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष का कालजयी सत्व-तत्व! मनुष्य आदिकाल से पैसे (पॉवर,...
आज इक्कीसवीं सदी के वर्ष छब्बीस की 26 जनवरी है। और यह पंडित नेहरू का दिन है। क्या आप चौंके? स्वाभाविक है। हम वे नागरिक ह...
इक्कीसवीं सदी दिमाग की है और प्रमाण पूरी मानवता द्वारा चिप, एआई को मस्तिष्क बनाना है। औद्योगिक क्रांति का बीज भाप से ऊर्...
इक्कीसवीं सदी के पहले पच्चीस वर्ष। ये ढाई दशक मानवता की अमूल्य, अविस्मरणीय अवधि के थे। इसमें मनुष्य के हाथों मनुष्य-समतु...
यह तारीफ़ नहीं है। वह सत्यमेव जयते है, जिसका आधार बुद्धि‑ज्ञान और सैन्य शक्ति, दोनों के एवरेस्ट की वाह है। अमेरिका ने सन...
खबर छोटी है। हवा को सांस लायक बनाने के प्यूरीफायर पर सरकार 18 फीसदी जीएसटी वसूलती है! इसी पर सरकार ने अदालत को यह कहते ह...
सन् 2025 में भारत ने बहुत कुछ खोया। हालांकि दुनिया ने भी इस वर्ष बहुत गंवाया। पर भारत का नुकसान अपनी प्रकृति में अलग था।...
भारत अब अमेरिका, चीन और रूस के तिराहे पर है। इन तीनों देशों के मुखियाओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी फोटो खिंचवाते हैं। और इ...
मैकाले को बेचारा माने या महान? इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने कोसा है। कहा है कि मैकाले भारतीयों की ‘गुलामी की मानसि...