लोकतंत्र में कॉकरोच, चीन में रोबोट
समय का ही फेर है जो सब कुछ बेतुका है! जैसे ट्रंप क्यों चीन गए? क्या पाया? नरेंद्र मोदी नीदरलैंड गए तो वहां से भारत को क्...
समय का ही फेर है जो सब कुछ बेतुका है! जैसे ट्रंप क्यों चीन गए? क्या पाया? नरेंद्र मोदी नीदरलैंड गए तो वहां से भारत को क्...
विश्व इतिहास में, और खासकर लोकतांत्रिक देशों के इतिहास में ऐसे नरसंहार की कोई मिसाल नहीं है। इस नाते मई 2026 में ‘जीवित’...
अप्रैल 2026 की सत्ताईस तारीख। स्थान, ओडिशा में क्योंझर ज़िले के गांव मालीपोसी की बैंक शाखा! जीतू मुंडा नाम का एक इंसान (...
ये चार शब्द! मतलब गुजरे सप्ताह की चार सुर्खियां! और इनमें सर्वाधिक चौंकाने वाली बात जो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (जिनके ल...
मैं शनिवार शाम एक शादी समारोह में था। लोगों को सुनते-देखते हुए मौके की फील ले रहा था। तभी एक रिटायर अफसर ने पूछा- कुछ खब...
पता नहीं ब्रह्माण्ड में मनुष्य (होमो सेपियन) जैसा कोई जीव है भी या नहीं। संभव है इसी सदी या अगली सदी में मालूम हो कि कही...
पता है भारत के जनजीवन, उसकी अर्थिकी की नाड़ी क्या है? करीब 10 किलोमीटर की वह पतली नाड़ी, जिसका नाम होर्मुज की खाड़ी है। ...
हाल में 143 देशों के लोगों के ‘आनंद’, ‘खुशी’, ‘प्रसन्नता’ की तुलना वाली वैश्विक रिपोर्ट आई। वर्ष 2024–2025 की तस्वीर थी।...
क्या यूक्रेन-रूस की लड़ाई से भी लंबी? संभव है! इसलिए क्योंकि रूस-यूक्रेन की लड़ाई जमीनी है। दो सेनाओं का आमना-सामना है। ...
आज लिखना शुरू करने ही वाला था कि ‘द इकॉनोमिस्ट’ पत्रिका के ऐप पर आज के ही (8 मार्च 2026) Today’s Quote खंड में ...
ओह! इक्कीसवीं सदी। इस सदी के प्रारंभ की एक तारीख 9/11 की थी। ताज़ा तारीख 2/28 है। और 26 वर्षों की इस पूरी अवधि के प्रतीक...
देश-सभ्यता विशेष को व्यक्ति विशेष कितना तबाह कर देता है और संविधान, सुप्रीम कोर्ट कैसे देश बचाने की ढाल बनते हैं, इसका प...
देश इन दिनों सत्य-शोध की कोयला खदान है, जिससे यदा-कदा निकले चमकीले कण दिमाग़ और बुद्धि को खदबदा देते हैं। हाल में रक्षा ...
चाहे तो इसे पतनगामी पूंजीवाद का मकड़जाल कहें या अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष का कालजयी सत्व-तत्व! मनुष्य आदिकाल से पैसे (पॉवर,...
आज इक्कीसवीं सदी के वर्ष छब्बीस की 26 जनवरी है। और यह पंडित नेहरू का दिन है। क्या आप चौंके? स्वाभाविक है। हम वे नागरिक ह...