जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बीच माता वैष्णो देवी रूट पर मंगलवार को लैंडस्लाइड हो गई। अर्धकुंवारी के नजदीक पहाड़ी से गिरे पत्थरों और मलबे ने रूट को प्रभावित कर दिया। हादसे में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल, भूस्खलन और भारी बारिश के बाद माता वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई है।
एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसेन शाहेदी ने बातचीत में कहा कि 30 लोगों की मौत होने और 15 लोगों के घायल होने की जानकारी है।
इसी बीच जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कटरा स्थित एसएमवीडी नारायणा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में भूस्खलन में घायल हुए श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों से सर्वोत्तम संभव उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ताओं, एसएमवीडीएसबी कर्मचारियों और नागरिकों के प्रति मेरी कृतज्ञता है, जिनके अनुकरणीय प्रयासों से कई लोगों की जान बच गई।
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जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वर्ष 2014 में आई बाढ़ की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, “2014 की बाढ़ की दो तस्वीरें और 2025 की बाढ़ की दो तस्वीरें। लगभग एक ही जगह और लगभग एक जैसा नुकसान। 2014 की बाढ़ से हमने क्या सीखा?
उन्होंने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “पिछले 11 सालों में क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए? अक्टूबर 2014 से बाढ़ से निपटने के क्या उपाय लागू किए गए? ये सभी ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब चुनी हुई सरकार तलाशेगी क्योंकि पिछले 48 घंटे चौंकाने वाले रहे हैं।
व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट के जरिए जानकारी देते हुए लिखा जम्मू में आई बाढ़ के कारण 26 अगस्त को बच्चों सहित लगभग 100 नागरिकों को नगरोटा के कंडोली माता मंदिर में शरण लेनी पड़ी। व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवानों ने तुरंत कार्रवाई की और जरूरतमंद को भोजन, चिकित्सा सहायता और सभी की सुरक्षा का प्रबंध किया।
Pic Credit : ANI
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