• सवाल हाइपोथेटिकल कौन बनेगा नेता प्रतिपक्ष..!

    भोपाल। मध्य प्रदेश में भाजपा कांग्रेस के दावों पर यकीन किया जाए तो सरकार वही बनाएंगे.. यानी सरकार में रहते भाजपा की सत्ता में वापसी का दावा तो 15 महीने की सरकार चला चुके नाथ कांग्रेस का मध्य प्रदेश की जनता से वादा नहीं गारंटी सरकार में वो लौट रही हैं.. कांग्रेस में मुख्यमंत्री का चेहरा कमलनाथ तो भाजपा के कई सीएम इन वेटिंग होने के बावजूद चुनाव में सामूहिक नेतृत्व.. इसलिए प्रदेश नेतृत्व सत्ता और संगठन दोनों अपना फैसला हाई कमान पर छोड़ चुके है.. मिशन 2023 में दोनों पार्टियों के राष्ट्रीय नेतृत्व के दखल और शीर्ष नेतृत्व की...

  • सेफ जोन में या फिर ‘हनुमान भक्त नाथ’ ओवर कॉन्फिडेंट…

    भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नाथ कमलनाथ के इर्द-गिर्द सिर्फ चुनाव ही नहीं पार्टी की राजनीति भी घूम रही है.. चाहे फिर वह पार्टी हाई कमान.. राहुल प्रियंका ही क्यों ना हो या फिर सिंधिया के जाने के बाद दिग्विजय सिंह समेत दूसरे छत्रप सभी नाथ शरणम गच्छामि नजर आते हैं.. सब ने कसम खा ली एक बार फिर कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाना है.. टिकट वितरण में हाई कमान नतमस्तक तो भविष्य की कांग्रेस की जमावट में रुचि ले रहे दूरदर्शी दिग्गी राजा पर भी फिलहाल कमलनाथ ही भारी देखे जा सकते.. फिर भी सवाल टिकट वितरण में बंदर...

  • चेहरा नहीं मोदी की जीत की गारंटी..या नई चुनौती..!

    भोपाल। भाजपा के लिए मिशन मोदी 2024 से पहले दूसरे 4 राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश में सरकार बनाना जितना महत्वपूर्ण उतनी ही इस बार जीत किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं.. भविष्य की भाजपा या यह मिशन 2024 या किसी दूरगामी रणनीति के तहत मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया गया.. भाजपा ने 230 प्रत्याशियों में अपने 127 विधायकों में से 94 विधायकों को फिर टिकट दिया. कुल 27 विधायकों के टिकट काटे गए. 47 नये चेहरों को मौका दिया और बाकी बची सीटों पर पूर्व विधायक या हारे हुए प्रत्याशियों को मौका दिया. 6...

  • नाथ के कंधों पर ‘कांग्रेस’ प्रेस कांफ्रेंस से जीतेगी..!

    भोपाल। 2023 फतेह करने के लिए कांग्रेस को कमलनाथ के निर्विवाद स्वीकार्य नेतृत्व और दिग्विजय सिंह की रणनीति के साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की सभाओं पर भरोसा..सवाल क्या गारंटी यही जोड़ियां चुनाव में जीत की गारंटी साबित हो सकती है..वह भी तब जब इंडिया गठबंधन का हिस्सा बने दल आम आदमी पार्टी समाजवादी पार्टी जेडीयू अब कांग्रेस को न सिर्फ सीधी चुनौती दे रहे बल्कि बागियों के लिए सम्मान और टिकिट का नया ठिकाना बन गए..अखिलेश यादव और कमलनाथ का विवाद राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद भले ही खत्म हो गया लेकिन और दूसरे सहयोगी दलों ने...

  • चेहरे वही… चाल नई… कसौटी पर चरित्र…!

    भोपाल। भाजपा का कभी सूत्र वाक्य रहा चाल. चरित्र. चेहरा राजनीतिक दल और उसके नेतृत्व खासतौर से भाजपा के नेताओं की परीक्षा लेता रहा..बदलती भाजपा में बड़ा सवाल चेहरे. वही.. चाल. नई .. तो क्या चुनाव में कसौटी पर उम्मीदवारों की पुण्याई और उनका चरित्र..! या फिर अपने नेता मोदी जी के नाम पर सभी चुनावी नैया पार कर लेंगे.. या फिर क्षेत्र विशेष की जनता अपना हिसाब किताब पूरा करने के लिए इनके लिए पहले ही अपना मानस बन चुकी है..2023 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस की मैदानी दावेदारी और उम्मीदवारी पर यदि गौर किया जाए तो...

  • क्या सीएम इन वेटिंग बनेंगे डिप्टी सीएम या…!

    भोपाल। भाजपा की चार सूची से उम्मीदवार मैदान में आने के बाद अब नीति निर्धारकों और रणनीतिकारों की नजर बची हुई हारी हुई सीट के साथ वर्तमान गिने चुने विधायक की सीट पर टिक गई है.. जहां भाजपा अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए आखिर किस हद तक जोखिम मोल ले क्या नया प्रयोग करेगी.. फिलहाल दिग्गज छत्रप हों या केंद्र के साथ प्रदेश के अनुभवी मंत्री जीत की गारंटी के साथ मैदान में उतर चुके हैं.. यानी नए चेहरों को अभी भी अपनी नई पारी का भाजपा में इंतजार है .. अभी तक कांग्रेस के उम्मीदवारों की परवाह न...

  • मिस्टर क्लीन प्रहलाद की मुस्कुराहट में छुपे राज…

    भोपाल। जब मोदी और शाह की बीजेपी ने मध्य प्रदेश में ऑल इस वेल नहीं इसलिए चुनावी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सामूहिक नेतृत्व की आड़ में फ्री फॉर ऑल कर दिया.. तब सीएम इन वेटिंग के लिए दावेदारों की लंबी हो चुकी फेयरिस्त में शामिल ­केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल पर सहमति का अभाव भले ही हो लेकिन उन्हें इग्नोर भी नहीं किया जा सकता.. जिसकी बड़ी वजह उनका ओबीसी वर्ग का होना और विधानसभा का चुनाव लड़ाया जाना .. जो शायद ही भाजपा के बहुमत मिलने पर किसी और के मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में उसकी कैबिनेट में...

  • जीत की गारंटी ‘मोदी’ हार का ठीकरा किसके सिर…!

    भोपाल। जंबूरी मैदान में आयोजित भाजपा महाकुंभ के सहभागी बने पार्टी कार्यकर्ताओं की नब्ज पर हाथ रख मोदी ने बखूबी मतदाता और नेतृत्व के बीच की अहम और निर्णायक कड़ी को खूब साधा .. लेकिन उन्होंने जाने अनजाने या चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सोची समझी रणनीति के तहत मंचासीन नेताओं के महत्व को नजरअंदाज कर पार्टी के अंदर और बाहर एक नई बहस जरूर छेड़ दी.. जीत की गारंटी नरेंद्र मोदी लेकिन कोई चूक हुई तो फिर हार का ठीकरा किसके सिर फोड़ा जाएगा.. क्योंकि भाजपा ने शिवराज के मुख्यमंत्री रहते इस बार सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने...

  • सनातन का विरोध और मुश्किल में कमलनाथ…

    भोपाल। हर कोई जानता है कि भारत में 80 फ़ीसदी सनातन धर्मियों का विरोध करने वालों को चुनाव जीतना नामुमकिन भले ही न हो मुश्किल जरुर होगा। लोकतंत्र में पूरा खेल बहुमत का होता है। जिन सनातनियों के वोट ज्यादा हैं उन्हें खत्म करने की बात कह कर उनके ही वोट हासिल करने का कोई नुस्खा अगर इंडिया गठबंधन ने ईज़ाद कर लिया है तो उसे सियासत में सदी अजूबा माना जाएगा। द्रविण मुनेत्र कागझम (डीएमके) पार्टी शासित तमिलनाडु से सनातन को समाप्त करने की बात उठी है। यह मुद्दा चुनाव में भाजपा की मदद करने वाला साबित हो तो...

  • दिग्गज लौटे: सीएम इन वेटिंग नरोत्तम के भरोसे ‘विन्ध्य’…

    भोपाल। जन आशीर्वाद यात्रा के आगाज के साथ मध्य प्रदेश में भाजपा द्वारा अपने पक्ष में चुनावी माहौल बनाने की एक और कोशिश भगवान श्री राम की तपोभूमि चित्रकूट से शुरू की गई है.. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की जगह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस पहली यात्रा को हरी झंडी दिखाई.. जिसे गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा स्थानीय नेता और नेतृत्व के साथ मिलकर अगले कुछ दिन तक नेतृत्व देंगे.. यानि शिवराज सरकार में नंबर दो, सरकार में रहते शिवराज के संकटमोचन.. दिल्ली की सियासत में दखल.. अमित शाह के भरोसेमंद सिपहसलार .. वर्तमान विधानसभा के संसदीय मंत्री और...

  • मुरलीधर को आखिर ठिकाने लगाया तो किसने…?

    भोपाल। भाजपा के मध्य प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव की चुनाव में भूमिका को लेकर जिज्ञासा से ज्यादा सवाल खड़े होने लगे है.. मध्य प्रदेश में नई चुनावी जमावट में क्या मुरलीधर अलग-अलग पड़ते नजर आ रहे.. इस बात में दम है तो फिर इसकी वजह क्या है.. आखिर प्रदेश प्रभारी कहां है.. क्या उन्हें ठिकाने लगा दिया गया है.. यह स्थिति खुद उनकी विवादित कार्यशैली के कारण निर्मित हुई है या फिर वो खुद चुनाव लड़ने की तैयारी में और पार्टी ने उनके लिए कोई नया काम तलाश लिया है.. या फिर मध्य प्रदेश से उनका मोह भंग होने लगा...

  • शाह ने बिछाई बिसात, मुद्दों से बनाया माहौल

    भोपाल। मोदी सरकार में नंबर दो अमित शाह.. केंद्रीय गृहमंत्री जिनकी राज्यों की राजनीति में विशेष दिलचस्पी और धमक से इनकार नहीं किया जा सकता ..इन दिनों मध्य प्रदेश पर पूरा फोकस बनाए हुए.. भाजपा के लिए चुनौती कहे या फिर समस्या उससे सजग और सतर्क सही समय पर शाह अपने फैसलों से लगातार चौंका रहे। एक बार फिर वो अपने चुनावी रंग में रंगे नजर आए.. मध्य प्रदेश जहां चुनावी चुनौतियों से इंकार नहीं किया जा सकता वहां पहले ही मोर्चा संभाल चुके शाह ने अपने माथे पर चिंता की सलवटे नहीं दिखाई देने दी.. मौका भाजपा सरकार की...

  • सीधे रास्ते की टेढ़ी चाल है… गोलमाल है सब…

    भोपाल। मध्यप्रदेश में मिशन 23 फतह करने के लिए सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा का मन से ही सही बना लिया.. पार्टी के अधिकृत ऐलान के साथ और दूसरे मोर्चों पर नई जमावट का इंतजार.. आचार संहिता लागू होने से पहले चुनावी माहौल बना इस बार बीजेपी नए प्लान के साथ एक नहीं पांच यात्राएं निकालने जा रही है.. कार्यकर्ताओं में करंट लाने और मतदाताओं का नए सिरे से भरोसा प्राप्त करने की इस कोशिश में नेतृत्व से जुड़े कुछ संदेश सामने आए तो क्लियरटी का अभाव अभी भी नजर आ रहा है.. चाहे फिर वह प्रदेश की...

  • राहुल के लिए जीत की गारंटी राजा के ‘नाथ’…!

    भोपाल। राहुल गांधी की संसद की सदस्यता बहाल होने का रास्ता साफ होने के साथ पार्टी में करंट ला कर इसको भुनाने की रणनीति बनाई जाने लगी.. इसका सकारात्मक असर मध्य प्रदेश में कब कितना कैसे पड़ेगा इसका इंतजार करना होगा.. क्योंकि भारत जोड़ो यात्रा को छोड़ दिया जाए तो राहुल गांधी ने पिछले लोकसभा चुनाव के बाद से ही मध्य प्रदेश से दूरी बना रखी थी.. छत्तीसगढ़ राजस्थान में देर से ही सही अंदरूनी कलह को रोकने में अभी तक सफल रही कांग्रेस को मध्यप्रदेश में अभी भी किसी स्वीकार्य फार्मूले का इंतजार है.. जहां सर्वे, क्राइटेरिया, हाईकमान की...

  • लिव इन रिलेशनशिप में बीजेपी के मैनेजर..!

    भोपाल। बीजेपी की चुनाव प्रबंधन के लिए कई समितियों की अधिकृत घोषणा नहीं किया जाने के बाद भी बैठक में जिम्मेदारी के साथ रणनीति बनाए जाने का काम शुरू हो चुका है.. तो दूसरी ओर चुनाव घोषणा पत्र के साथ संचालन और अभियान समिति का भी इंतजार अभी भी खत्म नहीं हुआ है.. चुनावी मोड में पार्टी के नीति निर्धारक दिल्ली के हस्तक्षेप के बाद टेक ऑफ के लिए तैयार लेकिन लक्ष्य हासिल करने के लिए जरूरी बुलंद हौसलों की अस्पष्टता के चलते रफ्तार पर सस्पेंस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा..मोदी, शाह , नड्डा मध्यप्रदेश को लेकर संजीदा,...

  • मुरलीधर की अनुपस्थिति और सवाल..

    भोपाल। अमित शाह की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद नवागत चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव की अगुवाई वाली बैठक से प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने दूरी बनाई या वह आमंत्रित नहीं थे.. वजह जो भी रही हो लेकिन मुरलीधर उस बैठक का हिस्सा नहीं बने..जो अमित शाह की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए व्यवस्था और चुस्त चौकस ,प्रभावी और असरदार बनाने के लिए बुलाई गई थी..इस महत्वपूर्ण और बदलती भाजपा के बदलते चुनावी रोड मैप की पहली बैठक में नजर नहीं आने वाले राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल पहले भी शाह के...

  • 2023: जोड़ियां कौन, किस पर कितनी, क्यों भारी..

    मध्य प्रदेश मिशन 2023 के लिए भाजपा के प्लान को 2024 को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है.. हाईकमान की दिलचस्पी से ज्यादा हस्तक्षेप साफ देखा जा सकता है.. 2003 के बाद हुए चुनाव से अलग भाजपा सत्ता में रहते कुछ अलग और कई चुनौतियों से जूझ रही है.. इन चुनाव में कई मोर्चों पर समस्या का समाधान निकालने के लिए रणनीति बनाई जा रही है.. चुनाव जीतने के लिए कई फैक्टर प्रभावी पर राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेश नेतृत्व और डबल इंजन की सरकार सारे विकल्प खोलकर आगे बढ़ने का मानस बना चुकी है.. जातिगत समीकरण,...

  • शाह : कन्फ्यूजन दूर कर क्लियरटी और करंट लाएंगे..!

    भोपाल। अमित शाह का अचानक भोपाल दौरा सुर्ख़ियों में.. जिसकी वजह बिना समय गंवाए चुनाव की तैयारियां .. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा यदि जनता और कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोल चुके तो संघ के नीति निर्धारक दत्तात्रेय होशबोले ,मनमोहन वैद्य, अरुण कुमार भी भोपाल इंदौर का प्रवास के दौरान जमीनी फीडबैक ले चुके.. पार्टी कार्यकर्ताओं का फीडबैक ही नहीं निजी सर्वे और एजेंसियों का फीडबैक अमित शाह के पास मौजूद ही होगा.. अमित शाह की पोजिशनिंग को 2018 विधानसभा चुनाव के बाद बदलती परिस्थितियों में भाजपा के लिए समस्या और उसका समाधान तलाशने की...

  • गुलदस्ता के साथ बोलती तस्वीर और सवाल

    भोपालI  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पूर्व मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती के श्यामला हिल्स स्थित सरकारी आवास पर बुधवार की रात पहुंचना.. फिर ऑफिस ऑफ शिवराज ने ट्वीट कर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री सुउमा भारती जी के निवास पर पहुंचकर सौजन्य भेंट की एवं उनका कुचलछेम जाना.. साध्वी और शिवराज के बीच एक नहीं कई मुलाकाते हो चुकी.. ..  चाहे फिर लाडली बहना की लांचिंग से पहले .. जब प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी वहां मुख्यमंत्री के साथ मौजूद थे..या फिर उससे पहले गुलाब की पंखुड़ियों से स्वागत  की वो चर्चित तस्वीरें...

  • तेवर वही तल्ख.. बदला अंदाज क्या बदलेगा माहौल..!

    भोपालI प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वही तल्ख तेवर, जीवंत और ज्वलंत मुद्दों पर दृढ़ता और सफगोई के साथ, बिना लाग लपेट के बेबाक..कुछ ज्यादा ही सीधी, सख्त, तीखी टिप्पणी.. चुनावी राजनीति को एक नई दिशा देने वाले मोदी जिस दूरदर्शिता और विजन के लिए पहचाने जाते हैं.. वो सब कुछ मध्यप्रदेश की धरती से एक बार फिर देखने, सुनने को मिला.. मोदी ने अपनी धमक, रसूख, रूतबे का लोहा मनवाते हुए साबित किया कि फिलहाल दूर-दूर तक उनका कोई तोड़ नहीं है, और ना ही कोई विकल्प.. देश की राजनीति के केंद्र बिंदु वे बने रहेंगे..अपनी लोकप्रियता का हमेशा एहसास...

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