• डाउनलोड ऐप
Friday, May 14, 2021
No menu items!
spot_img

राकेश अग्निहोत्री

‘नाथ’ कांग्रेस पर भारी ‘राजा’ की गैर राजनीतिक मुहिम..!

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में सदन में अपने सहयोगी विधायकों के साथ लगातार सक्रिय। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष होते हुए भी पीसीसी में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की पुण्यतिथि

दिग्गजों की गैरमौजूदगी में बनेगी नगर सरकार

नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा गंभीर.. प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव भोपाल पहुंच चुके हैं.. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बाद लगातार नगर निगम क्षेत्र के दौरे पूरे होने के बाद

‘नाथ’ पर ‘अरुण’ का हमला ‘राजा’ की ‘कांग्रेस’ से दूरी क्यों…

कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक कमलनाथ पर अरुण यादव का अपरोक्ष तौर पर ही सही इशारों इशारों में बड़ा हमला... दूसरी ओर किसानों के हक की लड़ाई की चिंता में राजा के मजबूरी में ही सही कांग्रेस संगठन और उसके नेताओं से रणनीतिक दूरी के आखिर मायने क्या निकाले जाएंगे।

मामा, महाराज, मुन्ना भैया ने ‘चंबल’ में बनाया माहौल..

कांग्रेस के मुकाबले मैदानी क्षेत्र में चुनाव प्रचार की बढ़त लेते हुए भाजपा ने कांग्रेस कमलनाथ का माखौल उड़ाते हुए माहौल बनाने की कवायद तेज कर दी है।

‘नवंबर’ में लगेगा म.प्र कांग्रेस के कायाकल्प का ‘नंबर’..!

दिल्ली में कांग्रेस के अंदर मची उठापटक के बीच एक बार फिर मध्य प्रदेश चर्चा में आ चुका है। वजह कमलनाथ दिग्विजय सिंह के नेतृत्व के संकट पर दिए गए बयान,कांग्रेस कार्यसमिति ने

‘महाराज’ ने किया ‘पांच-पंद्रह’… विकास का एजेंडा सेट…

कमलनाथ कांग्रेस की सुई उपचुनाव में जीत के लिए यदि महाराज को गद्दार और शिवराज को झूठा साबित करने पर टिकी हुई है। तो ग्वालियर चंबल की धरती से भाजपा इस बहस को खुद्दार

हिंदुत्व-राष्ट्रवाद की बयार.. राम…राफेल और सवाल…

राम मंदिर निर्माण की तैयारियां जोरों पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आधारशिला रखने के साथ क्या यह चुनावी मुद्दा भी बनेगा। देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले

‘उपचुनाव’ यदि समय पर तो फिर कांग्रेस में ‘भगदड़’ …..

मध्य प्रदेश में पिछले दिनों सर्वसम्मति से विधानसभा का बजट सत्र स्थगित किए जाने का फैसला तब सामने आया, तो लगा कि कोरोना के चलते उपचुनाव हर हाल में टाले जाएंगे।

‘राम मंदिर’ के भूमि पूजन से पहले भोपाल में ‘टीम भागवत’

टीम भागवत यानी उसके अखिल भारतीय पदाधिकारी जिन्हें संघ का नीति निर्धारक भी माना जाता। कोरोना के कहर के बीच देश के हृदय प्रदेश मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में उस वक्त इकट्ठे हो रहे हैं.

‘शिवराज’ की ‘यूएसपी’ पर चोट और ‘सवाल’?

मानवीयता और संवेदनशीलता को बनाए रखने वाली गुना पुलिस से जुड़ा मामला संगीन पर सवाल भी गम्भीर खड़े हो चुके।  गरीब बेवस दलित किसान पर पुलिस और प्रशासन की बर्बरता के इस वायरल

Latest News

सत्य बोलो गत है!

‘राम नाम सत्य है’ के बाद वाली लाइन है ‘सत्य बोलो गत है’! भारत में राम से ज्यादा राम...