शिमला। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की वजह से जल प्रलय के हालात लग रहे हैं। लगातार हो रही तेज बारिश से कई इलाकों में नदियां उफन रही हैं। धर्मशाला में एक पनबिजली परियोजना में काम करने वाले 20 से 25 मजदूर एक स्थानीय नदी के तेज बहाव में बह गए हैं। देर शाम तक दो लोगों के शव बरामद हुए। उधर कसोल में तेज बारिश की वजह से अनेक गाड़ियां नदी में बह गईं। कुछ पर्यटकों के भी लापता होने की खबर है। उत्तराखंड में भी बारिश से तबाही मची है तो उधर भूस्खलन की वजह से जम्मू और श्रीनगर हाईवे को बंद कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला में बुधवार को हुई तेज बारिश के कारण खनियारा इलाके के सोकणी दा कोट में इंदिरा प्रियदर्शनी परबिजली परियोजना में काम करने वाले 20 से 25 मजदूर एक स्थानीय नदी में बह गए। देर शाम तक मजदूरों की तलाश जारी थी। बताया जा रहा है कि स्थानीय मनुणी नदी आम दिनों में सूखी ही रहती है, लेकिन तेज बारिश के कारण नदी में अचानक से बाढ़ आ गई। मजदूर नदी किनारे बने शेड में रह रहे थे। इसलिए बाढ़ की चपेट में आ गए।
उधर कुल्लू जिले में तीन जगह, सैंज घाटी के जीवा नाला, गढ़सा घाटी के शिलागढ़ और बंजार के होरनगढ़ में बादल फटा। जीवा नाला में बाप और बेटी सहित तीन लोग बह गए। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में धारचुला व लिपुलेख रोड पर भूस्खलन हुआ। इसकी वजह से आदि कैलाश रोड बंद हो गया। दोनों तरफ गाड़ियां फंसी हैं। बुधवार सुबह हल्द्वानी में एक कार नहर में गिर गई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। उधर जम्मू में मंगलवार रात हुई भारी बारिश के चलते तवी नदी उफान पर है।
गुजरात के सूरत में भारी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। पूरे शहर में पानी भरा है। कई इलाकों में पांच फीट तक पानी भरा है और लोगों को ट्रैक्टर के जरिए निकाला जा रहा है। उत्तर प्रदेश में पश्चिम के सहारनपुर से लेकर पूर्व में झांसी तक भारी बारिश हो रही है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी तेज बारिश का अलर्ट है। केरल के वायनाड के बुधवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। चूरलमाला में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। गौरतलब है कि पिछले साल वायनाड में हुए भूस्खलन में साढ़े तीन सौ से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।