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बिहार में जमीन माप प्रक्रिया होगी तेज : नीतीश कुमार

Patna, Aug 21 (ANI): Bihar Chief Minister Nitish Kumar addresses the gathering during the State Madarsa Education Board's ‘Shatabdi Samaroh’, in Patna on Thursday. (CMO Bihar/ANI Photo)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यवासियों को बड़ी राहत देते हुए जमीन माप प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर की है। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि 20 नवंबर 2025 को नई सरकार के गठन के बाद बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के उद्देश्य से ‘सात निश्चय-3 (2025-30)’ कार्यक्रम लागू किया गया है। इसके सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ का मूल उद्देश्य आम नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली परेशानियों को कम करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अक्सर यह देखने को मिलता है कि जमीन मापी के लिए आवेदन देने के बाद प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लग जाता है। इससे न केवल लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, बल्कि समय पर मापी नहीं होने के कारण भूमि विवाद भी उत्पन्न हो जाते हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने भूमि मापी व्यवस्था में व्यापक सुधार करने का निर्णय लिया है।

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नीतीश कुमार ने आगे बताया कि 31 जनवरी 2026 तक विशेष भूमि मापी अभियान चलाकर जमीन मापी से जुड़े सभी लंबित आवेदनों का निपटारा कर दिया जाएगा। इसके साथ ही 1 अप्रैल 2026 से नई व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसके तहत अविवादित जमीन माप के लिए शुल्क जमा होने के अधिकतम 7 कार्य दिवस के भीतर माप सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, विवादित जमीन की माप अधिकतम 11 कार्य दिवस में पूरी की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि माप प्रक्रिया पूरी होने के बाद अमीन द्वारा मापी का प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से आवेदक की आवेदन तिथि के 14वें दिन निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और आवेदकों को समय पर जानकारी मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमीन माप सुनिश्चित करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग आवश्यक कर्मचारियों और संसाधनों की व्यवस्था करेगा। साथ ही पूरी प्रक्रिया की सख्त निगरानी भी की जाएगी ताकि किसी स्तर पर लापरवाही न हो।

नीतीश कुमार ने विश्वास जताया कि जमीन मापी प्रक्रिया को सरल बनाने की यह पहल प्रदेशवासियों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी और भूमि विवादों में कमी आएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि इस नई व्यवस्था को लेकर कोई अन्य सुझाव हों, तो वे 25 जनवरी तक निर्धारित माध्यमों से अपने बहुमूल्य सुझाव सरकार तक अवश्य पहुंचाएं।

Pic Credit : ANI

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