Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

बजट सत्र : विपक्ष ने भाजपा पर कसा तंज, राजद और सपा ने उठाए सवाल

Lucknow, Jan 16 (ANI): Samajwadi Party (SP) chief Akhilesh Yadav addresses a press conference, at the party office in Lucknow on Thursday. (ANI Photo)

केंद्रीय बजट को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर जनता की समस्याओं को अनदेखा करने का आरोप लगा रहा है। राजद सासंद मीसा भारती ने निशाना साधते हुए कहा कि इस बार के बजट में बिहार को अनदेखा किया गया है।  

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद मीसा भारती ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, “बिहार की जनता की कई मांगें हैं, जो पूरी नहीं हुई हैं। अभी बजट सत्र चल रहा है, तो हमने बिहार के ज्वलंत मुद्दों को उठाया है। हमने विशेष राज्य की मांग का मुद्दा उठाया। बिहार के लिए बजट में कुछ नहीं था। नीट छात्रा के मामले में सही तरीके से जांच नहीं हो रही है। हम चाहते हैं कि सरकार इस पर जवाब दे।

उन्होंने कहा कि बजट में बिहार के लिए कुछ नहीं था। हम बिहार में कानून-व्यवस्था और नीट उम्मीदवार की मौत का मुद्दा भी उठा रहे हैं। हम चाहते हैं कि सरकार जवाब दे और कार्रवाई की जाए। हम यहां बिहार से जुड़े सभी मुद्दे उठाने आए हैं। डबल इंजन सरकार ने बिहार के लोगों से कई वादे किए थे, लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया गया है। सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में भी बात नहीं कर रही है।

Also Read : टी20 वर्ल्ड कप: मुख्य टीम में शामिल होने से पहले वार्म अप मैच खेलेंगे तिलक वर्मा

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “आप उस सरकार के बारे में क्या कह सकते हैं, जिसके बजट की घोषणा से शेयर बाजार गिर गया? सेंसेक्स और रुपया कितना गिरेगा? उत्तर प्रदेश में रक्षा गलियारा बनाने के नाम पर हजारों एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है, लेकिन हासिल क्या हुआ?

सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, “यह बजट आम लोगों के लिए नहीं, बल्कि कुछ खास लोगों के लिए था। किसी गांव में जाकर विकसित भारत ढूंढिए। जाकर जल जीवन मिशन की हालत देखिए। उन्होंने राष्ट्रपति से अपने मन की बात कहलवाई। उन्होंने पूरी राशि हड़प ली है और दिल्ली में बैठे लोगों ने आंखें बंद कर ली हैं।

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, “अगर यह 2047 के लिए टेक-ऑफ फ्लाइट होने वाली है, तो उन पिछले बजटों का क्या हुआ, जो मौजूदा वित्त मंत्री ने ही पेश किए थे? क्या वे ‘टेक-ऑफ’ बजट नहीं थे? ये बजट अब सिर्फ जमीनी घोषणाओं की कवायद बन गए हैं। हर कोई इन बड़ी-बड़ी घोषणाओं से प्रभावित हो जाता है, बिना यह सोचे कि पिछली सरकारों द्वारा पिछले बजटों में की गई जमीनी घोषणाओं का क्या हुआ। यह बजट कई ऐसी घोषणाओं से भरा है, जो कभी पूरी नहीं होगी।

Pic Credit : ANI

Exit mobile version