आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुए भारी नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की सात सदस्यीय एक उच्चस्तरीय आकलन टीम ने राज्य का दौरा किया। इसी कड़ी में शनिवार को इस टीम ने अमरावती के सचिवालय स्थित रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी केंद्र का दौरा किया।
आरटीजीएस के सचिव कदमनेनी भास्कर और सीईओ प्रखर जैन ने केंद्रीय टीम का स्वागत किया। इसके बाद टीम को चक्रवात ‘अर्नब’ से राज्य को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी दी गई। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव चितरंजन दास के नेतृत्व में आए सात सदस्यीय दल को अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात के दौरान राज्य सरकार द्वारा उठाए गए एहतियाती और अग्रिम तैयारी के कदमों के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल की रक्षा की जा सकी।
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प्रारंभिक आकलन के अनुसार राज्य को 4,764 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कुल 12 जिलों में 3.52 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें नष्ट हुईं, जिससे 4.63 लाख किसान प्रभावित हुए। इससे 23,383 हेक्टेयर में बागवानी फसलों को भारी क्षति पहुंची। अधिकारियों ने केंद्रीय टीम को अवगत कराया कि आपदा से निपटने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा जिला और मंडल स्तर पर 3,455 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं और 3,918 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई।
केंद्रीय टीम के प्रमुख चितरंजन दास ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार की ओर से आंध्र प्रदेश को पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य को इस आपदा से उबरने में मदद के लिए केंद्र सरकार को तत्काल सहायता प्रदान करने की सिफारिश की जाएगी।
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