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सोनम वांगचुक को जबरन उठाना अहंकारी मोदी सरकार की हार : केजरीवाल

आम आदमी पार्टी (आप) ने 21 दिनों से अनशन पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से जबरन उठाने और युवाओं पर लाठीचार्ज करने की कार्रवाई को अहंकारी मोदी सरकार की हार करार दिया।

आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को पुलिस की कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि इतना अहंकार ठीक नहीं है। श्री वांगचुक को जबरन उठाने की बजाय मोदी सरकार को उनसे बात करनी चाहिए थी। कॉकरोच आंदोलन को कुचलने की बजाय, देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुधारो। श्री वांगचुक के साथ जबरदस्ती करना मोदी सरकार की हार है।

उधर आप” के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने कहा कि 59 साल के श्री वांगचुक पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए थे और अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर देश के उन करोड़ों युवाओं की आवाज उठा रहे थे जो 93 पेपर लीक से बर्बाद हो चुके थे। युवा बेबस थे और उनकी आवाज उठाने वाला कोई नहीं था। देश के प्रधानमंत्री ने 21 दिन तक उनसे बात नहीं की और अनशन खत्म करने की अपील करने के लिए एक ट्वीट करना भी जरूरी नहीं समझा। सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बातचीत करने के लिए नहीं आया कि आखिर वे क्यों अपनी जान देने पर आमादा हैं?

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आप नेता ने कहा कि आज अभी जानकारी मिली है कि अचानक पुलिस बल ने वहां पहुंचकर जंतर-मंतर को घेर लिया और नौजवानों के ऊपर लाठीचार्ज कर श्री वांगचुक को जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया है। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने 20 जुलाई के लिए देश की जनता, युवाओं, सांसदों और विधायकों का आह्वान किया था कि 20 जुलाई को हम लोग जंतर-मंतर से संसद की तरफ शांतिपूर्ण मार्च करेंगे जहां से संसद का सत्र शुरू होने वाला है। प्रधानमंत्री को पता था कि यह आवाज बहुत बड़ी बनने वाली है, इसलिए उन्होंने दिल्ली का पुलिस कमिश्नर बदलकर एक ऐसा पुलिस कमिश्नर बिठाया जिससे श्री वांगचुक को अनशन स्थल से हटाया जा सके।

उन्होंने कहा मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि सत्ता का इतना अहंकार अच्छा नहीं है कि हर व्यक्ति पर लाठी चलाओ, हर व्यक्ति पर गोली चलाओ और हर व्यक्ति पर आंसू गैस के गोले छोड़ो। कभी किसान आंदोलन को कुचलो, कभी नौजवानों के आंदोलन को कुचलो और कभी माताओं-बहनों के आंदोलन को कुचलो, यह अच्छी राजनीति नहीं है।

Pic Credit : ANI

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