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ई-20 ईंधन पर वाहन कंपनियों से लिखित आश्वासन मांगेंगे केजरीवाल

New Delhi, Aug 28 (ANI): Aam Aadmi Party National Convener, Arvind Kejriwal, addresses a press conference, at AAP Headquarters in New Delhi on Thursday. (Jitender Gupta/ANI Photo)

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि वह देश की तीन प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर यह मांग करेंगे कि वे लिखित रूप में आश्वासन दें कि ई-20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन को कोई नुकसान नहीं होता और न ही माइलेज में कमी आती है।

बीस प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई-20) का विरोध करने वाले केजरीवाल ने आरोप लगाया कि यह गाड़ियों के माइलेज पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

केजरीवाल ने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर लोगों के ‘व्यापक विरोध’ से उन्हें अवगत कराएंगे और आग्रह करेंगे कि इस ईंधन के उपयोग को वैकल्पिक बनाया जाए।

सरकार ने पिछले हफ्ते देश के ई-20 एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के बारे में सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी को गलत बताते हुए इसका विस्तार से खंडन किया। इसमें इंजन खराब होने, बीमा अमान्य होने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने जैसे दावों को खारिज किया गया।

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन कंपनियों के सार्वजनिक बयान उनके वाहनों की ‘ओनर मैनुअल’ (उपयोगकर्ता पुस्तिका) में दी गई जानकारी से मेल नहीं खाते।

उन्होंने कहा मैं इन सभी कंपनियों को पत्र लिखूंगा। मैं उनसे कहूंगा कि आपके ‘ओनर मैनुअल’ में कुछ बात लिखी है, लेकिन आप सार्वजनिक रूप से कुछ और कह रहे हैं। आप लिखित में यह आश्वासन दें कि यदि आपके वाहन का माइलेज 10 प्रतिशत से अधिक कम हो जाता है, तो क्या आप ग्राहक को इसकी भरपाई करेंगे?’’

केजरीवाल ने कहा यदि ई-20 एथेनॉल के उपयोग से वाहन को नुकसान होता है या उसके कलपुर्जे खराब होते हैं तो क्या उन पुर्जों को बदलने का खर्च भी आप वहन करेंगे?

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हालांकि, इस संबंध में तीनों वाहन कंपनियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

केजरीवाल ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार यह कहकर लोगों को गुमराह कर रही है कि भारत एथेनॉल मिश्रित ईंधन अपनाने वाला पहला देश नहीं है।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में करीब 30 करोड़ वाहन जोखिम में हैं क्योंकि वे ई-20 ईंधन के लिहाज से सक्षम नहीं हैं।

आप प्रमुख ने कहा भारत में 22 करोड़ मोटरसाइकिल ई-20 के लिहाज से उपयुक्त नहीं हैं। उनमें ई-20 ईंधन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। आठ करोड़ कार ऐसी हैं। सरकार के जोर देने की वजह से 30 करोड़ गाड़ियां जोखिम में हैं, 31 करोड़ वाहन कबाड़ बन सकते हैं । 

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार यह दावा करके लोगों को गुमराह कर रही है कि भारत एथेनॉल मिश्रित ईंधन अपनाने वाला पहला देश नहीं है।

उन्होंने कहा यह केवल आधा सच है। जिन देशों का उदाहरण दिया जा रहा है, वहां आमतौर पर एथेनॉल मिश्रण की मात्रा ई-10 से कम है। सामान्य वाहन ई-10 तक के मिश्रण का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन उससे अधिक नहीं । 

उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि लोगों को विभिन्न प्रकार के ईंधन में से चुनने का अधिकार होना चाहिए। हालांकि, कंपनियों ने ई-20 मिश्रित पेट्रोल की तरफदारी की है।

वाहन उद्योग के पदाधिकारियों ने पिछले सप्ताह 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई-20) के इस्तेमाल को लेकर जारी चिंताओं को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि ईंधन की गहन वैज्ञानिक जांच हुई हैं और यह नए तथा पुराने दोनों वाहनों के लिए सुरक्षित है तथा आयातित कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता कम करने के लिए अहम है।

Pic Credit : ANI

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