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एनसीआर में प्रदूषण की मार : एक्यूआई 400 के पार

New Delhi, Jan 14 (ANI): People commute on their vehicles amid smog on a cold winter morning, in New Delhi on Wednesday. (ANI Photo/Naveen Sharma)

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और आईएमडी के एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार 400 के पार दर्ज किया जा रहा है।  

यह स्थिति “गंभीर” श्रेणी में आती है, जो आम जनजीवन और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। गाजियाबाद की बात करें तो इंदिरापुरम में एक्यूआई 410, लोनी में 435, संजय नगर में 335 और वसुंधरा में 439 दर्ज किया गया। वहीं नोएडा के सेक्टर-125 में एक्यूआई 406, सेक्टर-62 में 385, सेक्टर-1 में 411 और सेक्टर-116 में 409 रिकॉर्ड किया गया। ये आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि दिल्ली से सटे यूपी के शहर भी प्रदूषण की गंभीर चपेट में हैं।

दिल्ली के हालात और भी चिंताजनक नजर आ रहे हैं। आनंद विहार में एक्यूआई 444, अशोक विहार में 442, रोहिणी में 438, पंजाबी बाग में 436 और पटपड़गंज में 434 दर्ज किया गया। आरके पुरम में एक्यूआई 420, सोनिया विहार में 417, बवाना में 416 और ओखला फेज-2 में 415 रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा चांदनी चौक (408), डीयू (403), शादिपुर (372), सीआरआरआई मथुरा रोड (360), सिरीफोर्ट (398) और श्री अरबिंदो मार्ग (325) जैसे इलाकों में भी हवा बेहद खराब स्थिति में बनी हुई है।

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मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी फिलहाल कोई बड़ी राहत मिलने की संभावना नहीं है। 20 से 22 जनवरी तक मौसम पूर्वानुमान में मध्यम कोहरे की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन हवा की रफ्तार कम होने और ठंडे मौसम के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं।

दिलचस्प बात यह है कि कोहरा अपेक्षाकृत कम है और विजिबिलिटी भी ठीक बताई जा रही है, इसके बावजूद पूरे एनसीआर पर स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और मौसमीय परिस्थितियां मिलकर इस गंभीर स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने और घर के अंदर रहने की अपील की जा रही है। फिलहाल, जब तक मौसम में बदलाव या तेज हवाएं नहीं चलतीं, तब तक एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।

Pic Credit : ANI

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