जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने कुलगाम के केलम में आतंकवादियों की गोलीबारी में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की हत्या की निंदा करते हुए शनिवार को घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस घटना को एक ओर जहां सुश्री महबूबा ने सुरक्षा में चूक बताया, वहीं दूसरी ओर श्री फारूक ने हमले के समय पर सवाल उठाए। गौरतलब है कि शुक्रवार शाम कुलगाम जिले के केलम इलाके में आतंकवादियों की गोलीबारी में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हो गई। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक ने हमले की निंदा की और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन हत्याओं के पीछे कौन है। श्री फारूक ने कहा हमें यह भी नहीं पता कि उन्हें किसने मारा और इसके पीछे कौन लोग हैं। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि जब जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग जोर पकड़ रही है, उसी समय ऐसी घटनाएं क्यों घटित हो रही हैं। उन्होंने कहा मुझे नहीं पता कि जब हम राज्य का दर्जा मांगते हैं तो ऐसी चीजें क्यों होती हैं। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इस घटना की निंदा करने के लिए शब्द कम पड़ पड़ने की बात कहीं। उन्होंने दूसरे राज्यों के लोगों के जम्मू-कश्मीर में रोजी-रोटी कमाने और अपने परिवारों का भरण-पोषण करने के लिए आने की बात कहीं। उन्होंने कहा लोग यहां काम करने और अपने परिवारों का पेट भरने आते हैं। वे हमारी तरह ही हैं जो काम करते हैं और अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं, वे इतनी दूर क्यों आते हैं? क्योंकि उन्हें वहां रोजगार नहीं मिलता लेकिन कश्मीर में मिलता है।
उन्होंने इस घटना से घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने की बात कही, खासकर ऐसे समय जब अमरनाथ यात्रा के लिए की गई व्यापक सुरक्षा तैनाती है। उन्होंने कहा यहां सुरक्षा होने के बावजूद यह घटना हुई। मुझे लगता है कि किसी न किसी तरह सुरक्षा में चूक हुई है। उन्होंने इस बात की जांच की मांग की कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद हमलावर हमला करने में कैसे कामयाब रहे। सुश्री महबूबा ने सवाल किया कि सेना, सीआरपीएफ और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद आतंकवादी हमले को कैसे अंजाम दे पाए।
Pic Credit : ANI
