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महाराष्ट्र में थ्रस्ट सेक्टर और उच्च प्रौद्योगिकी में 1.35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी

Mumbai, Jun 10 (ANI): Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis addresses the gathering during an event in which he rings the bell at Bombay Stock Exchange, marking the listing of Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation’s 'Green Municipal Bond', in Mumbai on Tuesday. (CMOMaharashtra X/ANI Photo)

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को विधान भवन में आयोजित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की 12वीं बैठक में राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में 19 प्रस्तावों में से 17 बड़े और अति-बड़े प्रोजेक्ट्स को विशेष प्रोत्साहन के साथ मंजूरी दी गई। 

इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, मंत्री उदय सामंत, मुख्य सचिव और वरिष्ठ नौकरशाह उपस्थित रहे। इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में कुल 1,35,371.58 करोड़ रुपए का निवेश आने वाला है, जिससे लगभग एक लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इन प्रस्तावों में थ्रस्ट सेक्टर (प्राथमिकता वाले क्षेत्र) और उच्च प्रौद्योगिकी से संबंधित निवेश शामिल हैं, जिससे राज्य की औद्योगिक क्षमता और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “राज्य सरकार निवेशकों को आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन परियोजनाओं से न केवल औद्योगिक आधार मजबूत होगा, बल्कि युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्र में नई संभावनाएं भी मिलेंगी।

राज्य सरकार के इस कदम को औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है, जो महाराष्ट्र को निवेश के लिए देश के सबसे पसंदीदा गंतव्यों में बनाए रखने में मदद करेगा।

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मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ये परियोजनाएं थ्रस्ट सेक्टर और उच्च प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं और इससे राज्य में तकनीकी नवाचार, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह निवेश सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, लिथियम आयन बैटरी, टेक्सटाइल, ग्रीन स्टील, अंतरिक्ष और रक्षा सामग्री जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा।

इन परियोजनाओं के लिए उद्योगों को पूंजी सब्सिडी, बिजली शुल्क रियायत, ब्याज दर रियायत, औद्योगिक प्रोत्साहन सब्सिडी, स्वामित्व ब्याज की वापसी, भविष्य निधि की वापसी आदि प्रदान करने का निर्णय लिया गया। साथ ही, थ्रस्ट सेक्टर में परियोजनाओं की संख्या 22 से बढ़ाकर 30 करने का निर्णय लिया गया। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की प्रस्तावित परियोजना के लिए पालघर जिले के दपचारी और वंकास में भूमि अधिग्रहण और आवंटन करने और सरकारी निर्णय में ‘कोल गैसीफिकेशन और डाउनस्ट्रीम डेरिवेटिव्स’ उत्पाद को शामिल करके विशेष प्रोत्साहन लागू करने की मंजूरी दी गई।

प्रस्तावित परियोजनाओं में पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी (नवी मुंबई), जुपिटर रिन्यूएबल (नागपुर), रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (नागपुर), मेसर्स बीएसएल सोलर (नागपुर), मेसर्स शामिल हैं। श्रम बायो फ्यूल (नागपुर), हुंडई मोटर इंडिया (पुणे), ऊनो मिंडा एंटो इनोवेशन (पुणे), एयर लिक्विड इंडिया होल्डिंग (पुणे), एस्सार एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन लिमिटेड (रायगढ़), बालासोर अलॉयज लिमिटेड (रायगढ़), सुरजागड़ इस्पात (गढ़चिरौली), सुफलाम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (गढ़चिरौली), सुफलाम मेटल (गढ़चिरौली), कीर्तिसागर मेटलॉय (गढ़चिरौली), जनरल पॉलीफिल्म्स (नंदुरबार), एनपीएसपीएल एडवांस्ड मैटेरियल्स (छत्रपति संभाजी नगर), सुफलाम इंडस्ट्रीज (गोंदिया), एम. वर्धन एग्रो प्रोसेसिंग लिमिटेड (सतारा), एम. अवताडे स्पिनर्स प्राइवेट लिमिटेड (सोलापुर) कुछ महत्वपूर्ण कंपनियां हैं।

इस निर्णय से राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला बनेगी और कौशल विकास के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, इससे राज्य की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति मजबूत होगी।

Pic Credit : ANI

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