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महाराष्ट्र: एफडीए ने दवा की गलत ब्रांडिंग के कारण सिप्ला का लाइसेंस किया रद्द

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे के वाडकी स्थित मेसर्स सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड के दवा बिक्री लाइसेंस को रद्द कर दिया है।

एफडीए ने शुक्रवार को जारी एक प्रेस नोट में कहा कि यह कार्रवाई ‘रिएक्टिन प्लस टैबलेट’ के संबंध में की गयी है जो शेड्यूल एच के तहत डॉक्टर की सलाह पर मिलने वाली दवा है।

यीएफडीए के अनुसार, जून 2026 में पुणे ज़िले के वाडकी में कंपनी के मुख्य गोदाम में की गयी जांच के दौरान यह पाया गया कि ‘रिएक्टिन प्लस टैबलेट’ की पैकेजिंग पर दर्द और बुखार कम करने वाली दवा का अनधिकृत दावा किया गया था। डॉक्टर की सलाह पर मिलने वाली दवा का इस तरह का विज्ञापन औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 और ‘रूल्स, 1945’ का उल्लंघन है और इस दवा को गलत लेबल वाला माना गया। एफडीए ने बताया कि छापेमारी के दौरान 11.19 लाख रुपये का स्टॉक ज़ब्त किया गया।

प्रशासन ने कहा कि ऐसे दावों से बिना डॉक्टरी सलाह के खुद से दवा लेने को बढ़ावा मिल सकता है जिससे जन-स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। 

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कंपनी को बाज़ार से स्टॉक वापस मंगाने का निर्देश दिया गया था लेकिन वह निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने में नाकाम रही। बाद में लाइसेंस प्राप्त सीएफए की बिक्री एवं वितरण प्रणाली की जांच करने पर गंभीर कमियां पायी गयी। इनमें भंडारण व्यवस्था में कमी, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और कंप्यूटर व भौतिक स्टॉक के बीच अंतर, सामान वापस मंगाने के नियमों की अनदेखी, सामान को सीधे ज़मीन पर रखना, पैलेट/रैक प्रणाली का ठीक न होना और एक्सपायर हो चुकी दवाओं के प्रबंधन में कमियां शामिल थीं। लाइसेंसधारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

प्रेस नोट के अनुसार, स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाये जाने और नियमों का पालन न करने की बात साबित होने पर, औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम और नियमों के संबंधित प्रावधानों के तहत लाइसेंस रद्द कर दिये गये।

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा, “दवाओं की सुरक्षा और जन-स्वास्थ्य के मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जायेगी। शेड्यूल एच जैसी पर्चे वाली दवाओं के विज्ञापन, बिक्री, भंडारण एवं वितरण से जुड़े कानूनी नियमों का सख्ती से पालन करना ज़रूरी है। निर्माण एवं वितरण चेन से जुड़े किसी भी पक्ष की ओर से नियमों का उल्लंघन करने पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

Pic Credit : ANI

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