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एनआईडीएमएस आतंकवाद के विरुद्ध नेक्स्ट जेनरेशन सुरक्षा कवच बनेगा: अमित शाह

New Delhi, Sep 16 (ANI): Union Minister for Home Affairs and Cooperation Amit Shah speaks during the 2nd National Conference of Heads of Anti-Narcotics Task Force (ANTF) of states/UTs at Sushama Swaraj Bhawan, in New Delhi on Tuesday. (ANI Photo/Jitender Gupta)

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली (एनआईडीएमएस) का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, एनएसजी के महानिदेशक, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक और राज्यों के पुलिस महानिदेशक भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गत 6 वर्षों में अनेक प्रकार का डेटा जनरेट कर उसे व्यवस्थित तरीके से एकत्रित करने का महत्वपूर्ण काम हुआ है। उन्होंने कहा कि एनआईडीएमएस आगामी दिनों में देश में होने वाली सभी प्रकार की आतंकवादी घटनाओं की जांच और उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। साथ ही, एनआईडीएमएस आतंकवाद के विरुद्ध नेक्स्ट जेनरेशन सुरक्षा कवच बनेगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने विगत वर्षों में विभिन्न प्रकार के डेटा सृजित किए हैं। अब हम इन सभी डेटा स्रोतों को एक-दूसरे से जोड़ने और उनके विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एक उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनआईडीएमएस की आज की यह शुरुआत इस प्रक्रिया को गति प्रदान करेगी और देश को आतंकवाद से सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी।

अमित शाह ने कहा कि आज शुरू हो रहे एनआईडीएमएस से एनआईए, देशभर की एटीएस, राज्यों की पुलिस और सभी सीएपीएफ को एक वृहद, एकीकृत और ऑनलाइन डेटा प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा, जो दो-तरफा (टू-वे) होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर हुए विस्फोट या आईईडी संबंधी घटना का डेटा इस सिस्टम में शामिल किया जा सकेगा। इस डेटा का उपयोग करके हर राज्य में जांच के दौरान आवश्यक गाइडेंस प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि एनआईडीएमएस आतंकी गतिविधियों की जांच, विस्फोटों के ट्रेंड समझने और उनके खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

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केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि एनएसजी के पास जो डेटाबेस उपलब्ध है, उसमें 1999 से लेकर अब तक सभी बम विस्फोटों से संबंधित डेटा संग्रहीत है। उन्होंने कहा कि एनआईडीएमएस के माध्यम से यह डेटा अब देशभर की पुलिस और संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध होगा। एनआईडीएमएस देश में अब तक हुए बम विस्फोटों के पैटर्न, काम करने का ढंग और इस्तेमाल हुए विस्फोटकों का सटीक विश्लेषण करने का मजबूत प्लेटफॉर्म बनेगा।

अमित शाह ने कहा कि एनआईडीएमएस एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से देशभर की बम विस्फोट संबंधी घटनाओं का संगठित रूप से सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा। यह प्लेटफॉर्म आईईडी संबंधित डेटा को संकलित करने, मानकीकृत करने, संयोजित करने और सुरक्षित तरीके से साझा करने की प्रक्रिया को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि एनआईडीएमएस इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों और एंटी टेरर ऑर्गनाइजेशन के लिए अलग-अलग केस फाइलों में बिखरे डेटा का सिंगल क्लिक एक्सेस विंडो होगा। इससे केन्द्र एवं राज्यों की जांच एजेंसियों, आतंकवाद-निरोधक संगठनों और सभी सीएपीएफ को डेटा तत्काल उपलब्ध हो सकेगा। अमित शाह ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म से हमारे देश के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को तीन प्रमुख तरीकों से लाभ हो सकेगा।

गृह मंत्री ने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक डेटा भंडार’ के माध्यम से अलग-अलग विभागों में बिखरा डेटा अब एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में हर पुलिस इकाई को उपलब्ध होगा। इससे अभियोजन की गति और गुणवत्ता दोनों में बहुत अच्छा और सकारात्मक बदलाव आएगा और हम पैटर्न को भी आसानी से समझ पाएंगे। उन्होंने कहा कि पैटर्न को समझने से वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित अभियोजन संभव होगा। साथ ही, एजेंसियों के बीच समन्वय भी बेहतर तरीके से स्थापित होगा।

Pic Credit : ANI

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