तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना 4 मई को होनी है। इससे पहले मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शनिवार को वरिष्ठ डीएमके नेताओं और गठबंधन सहयोगियों के साथ कई अहम बैठकें कर राजनीतिक हालात की समीक्षा की और तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
चार दिन के कोडाइकनाल दौरे से लौटने के तुरंत बाद स्टालिन ने पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों की जमीनी स्थिति, मतदान प्रतिशत और चुनाव बाद के आकलन पर विस्तृत फीडबैक लिया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने डीएमके मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में गठबंधन दलों के नेताओं से भी मुलाकात की। बैठक में तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थगई और कोंगुनाडु मक्कल देशिया काची (केएमडीके) के ई.आर. ईश्वरन समेत कई नेता मौजूद रहे।
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सूत्रों के मुताबिक, बैठक में गठबंधन के समग्र प्रदर्शन और मतगणना से पहले की उम्मीदों पर चर्चा हुई। स्टालिन ने सहयोगी दलों के उम्मीदवारों और स्थानीय इकाइयों की तैयारियों की भी समीक्षा की।
उन्होंने मतगणना केंद्रों पर सतर्कता बरतने और उम्मीदवारों, एजेंटों तथा पार्टी नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
बैठक में डीएमके के वरिष्ठ नेता ए. राजा, आर.एस. भारती, टी.के.एस. इलंगोवन और टी.आर.बी. राजा भी मौजूद रहे।
डीएमके इस चुनाव में 234 सदस्यीय विधानसभा की 164 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि उसकी प्रमुख सहयोगी कांग्रेस 28 सीटों पर मैदान में है। बाकी सीटों पर डीएमके नीत सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के अन्य दल चुनाव लड़ रहे हैं।
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान हुआ था, जिसमें जिलों में अच्छी वोटिंग दर्ज की गई थी। मतगणना से पहले सभी राजनीतिक दलों ने अंदरूनी समीक्षा और लॉजिस्टिक तैयारियां तेज कर दी हैं।
डीएमके नेताओं ने गठबंधन की जीत को लेकर भरोसा जताया है, हालांकि उनका कहना है कि अंतिम फैसला जनता का होगा, जो 4 मई को सामने आएगा।
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