पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की सड़कों पर उतर कर हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में बुधवार को एक विशाल विरोध मार्च निकाला। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा, “यह रैली चुनावी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं के खिलाफ कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान का हिस्सा है। हम चुनाव आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई और दुर्व्यवहार भी किया। मध्य कोलकाता में आयोजित इस महारैली में श्री सरकार ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में दोबारा मतदान कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में मतदाताओं को डराया-धमकाया गया और कांग्रेस के पोलिंग एजेंटों को बूथों से बाहर खदेड़ दिया गया।
प्रदर्शनकारी मध्य कोलकाता के बैंटिंक स्ट्रीट स्थित एक सिनेमा हॉल के पास एकत्र हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित ‘लोक भवन’ की ओर बढ़े। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस बड़े प्रदर्शन के कारण शहर के केंद्रीय व्यावसायिक क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।
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