ओमेगा-3 को ज्यादातर लोग मछली से जोड़ते हैं, लेकिन सच ये है कि हमारे आसपास ऐसी कई देसी, शुद्ध और पूरी तरह शाकाहारी चीजें मौजूद हैं जिनसे शरीर को भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 मिल सकता है।
आजकल थकान, तनाव, बाल झड़ना और भूलने की दिक्कत आम हो गई है। कई लोग इसे उम्र का असर मान लेते हैं, लेकिन असल कारण है कि हमारे खाने में पौष्टिकता कम होती जा रही है। शरीर खुद ओमेगा-3 नहीं बनाता, इसलिए इसे रोज के खाने में शामिल करना जरूरी है।
ओमेगा-3 शरीर की सूजन कम करता है, दिल की रक्षा करता है, याददाश्त और नींद को बेहतर बनाता है, मन को शांत रखता है और त्वचा-बालों की सेहत को भी सुधारता है। आंखों, दिल और इम्युनिटी के लिए भी यह बेहद जरूरी है।
सबसे पहले आते हैं अलसी के बीज। यह ओमेगा-3 का सबसे पावरफुल देसी स्रोत है। रोज 1 चम्मच पिसी अलसी दही, सलाद या दलिया में डाल दें।
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चिया बीज भी शानदार विकल्प है। इन्हें रात में भिगोकर सुबह दूध या पानी के साथ लें, इससे पेट साफ रहता है और त्वचा मुलायम होती है। अखरोट को दिमाग का फल कहा जाता है। भिगोकर रखे गए 2–3 अखरोट सुबह खाने से दिमाग तेज और नींद बेहतर होती है।
भांग के बीज भी बहुत पौष्टिक हैं, इनका स्वाद तिल जैसा होता है और इन्हें सलाद या दही में डाल सकते हैं।
हमारी रसोई का खजाना सरसों का तेल भी ओमेगा-3 का अच्छा स्रोत है, खासकर ठंडा पिसा तेल। थोड़ा-बहुत इस्तेमाल रोज करना फायदेमंद है। राजगीरा (रामदाना) और मेथी के बीज भी शरीर को अच्छे फैट और पोषक तत्व देते हैं। इसके अलावा, शैवाल आधारित सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं पर इसके लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
इन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करना भी आसान है। सुबह अखरोट, दोपहर के सलाद में अलसी पाउडर, कभी-कभी चिया वाला दूध और खाने में थोड़ा सरसों का तेल। हफ्ते में 2–3 बार भांग के बीज का भी सेवन कर सकते हैं।
इसके अलावा पिसी अलसी, अखरोट के टुकड़े, थोड़ा तिल और चुटकीभर हल्दी का मिश्रण दही या दूध के साथ लेना फायदेमंद होता है।
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