नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संभवतः पहली बार नरेंद्र मोदी सरकार के किसी मंत्री का इस्तीफा मांगा है या बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा है कि वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लें या उनको बर्खास्त करें। मेडिकल में दाखिले के लिए हुई नीट की परीक्षा रद्द होने और उसके बाद देश के अलग अलग हिस्सों में छात्रों की खुदकुशी की घटनाओं के बाद राहुल ने इतना तीखा बयान दिया है। देश के अलग अलग हिस्सों से अब तक चार छात्रों की खुदकुशी की खबरें मिली हैं।
गौरतलब है कि नीट की परीक्षा तीन मई को हुई थी, जिसमें 22 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे। बाद में पेपर लीक होने की खबर सामने आई तो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी। अब सभी छात्रों को नए सिरे से 21 जून को फिर परीक्षा देनी होगी। इसे लेकर राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में सत्ता संरक्षित लोगों द्वारा गठजोड़ कर नीट पेपर लीक को पैसे कमाने का जरिया बनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि दो साल से रात दिन परिश्रम करने वाले 22 लाख छात्रों की मेहनत पर पानी फेरा गया है।
पेपर लीक पर सरकार को लगातर घेर रहे राहुल गांधी ने शनिवार को एक वीडियो जारी किया, जिसमें कहा कि पूरा देश जानता है कि परीक्षा से दो दिन पहले व्हाट्सऐप पर नीट का पेपर बांटा जा रहा था मगर शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान कहते हैं कि इससे मेरा कोई लेना देना नहीं। राहुल ने कहा, ‘संसदीय समिति ने सुधार की सिफारिशें की थी मगर शिक्षा मंत्री ने यह कहते हुए इसे कचरे में डाल दिया कि इसमें विपक्षी दलों के सदस्य बैठे हैं’। प्रधान पर हमला करते हुए राहुल ने कहा, ‘प्रधानमंत्री को धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफे देने का आदेश देना चाहिए या बर्खास्त करना चाहिए और पेपर लीक के दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए’।
राहुल गांधी ने भाजपा के साथ साथ आरएसएस पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र में आरएसएस, भाजपा और विश्वविद्यालयों में कुलपति, प्रोफेसर बनाए गए लोगों के बीच पैसे बनाने का एक नेक्सस है। उन्होंने कहा कि इस गठजोड़ ने देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था को खत्म कर दिया है। राहुल ने कहा, ‘देश जानता है कि आरएसएस से हैं तो बिना विषय ज्ञान या अनुभव के भी आप कुलपति बन सकते हैं और अगर नहीं हैं तो कितना भी काबिल हों वीसी नहीं बन सकते। यही है कारण कि 80 बार पेपर लीक हुआ है और दो करोड़ युवाओं का भविष्य खराब हुआ है’।
पेपर लीक के सदमे से छात्रों की आत्महत्या की खबरों पर चिंता जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ‘लखीमपुर खीरी के ऋतिक मिश्रा, दिल्ली की अंशिका पांडेय, राजस्थान के झुंझुनूं से प्रदीप मेघवाल, गोवा में रह रहे बेंगलुरु के छात्र सबने ये आत्मघाती कदम उठाया है’। उन्होंने कहा, ‘किसी ने बचपन से सपना देखा, किसी ने परिवार की उम्मीदों के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया, सालों तैयारी की। लेकिन मोदी सरकार की भ्रष्ट और निकम्मी व्यवस्था ने उनके सपनों को रौंद दिया’।
