नई दिल्ली। थाईलैंड के फुकेट से नई दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के विमान के अचानक तीन सौ फीट नीचे गोता खाने और टर्बुलेंस में यात्रियों के घायल होने की घटना में नए खुलासे के बाद विमानन कंपनियों ने अपने सभी पायलटों का रोज ड्रग टेस्ट कराने का फैसला किया है। असल में फुकेट से आ रहे जहाज के पायलटों की जांच में पता चला है कि उड़ान भरने से पहले कैप्टेन ने गांजा पी थी। दोनों पायलटों की टेस्ट पॉजिटिव आई है, जिसके बाद उनको हटा दिया गया है।
इसके बाद कंपनी ने तय किया कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के सभी पायलटों की अब रोज जांच होगी कि उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं या नशीले पदार्थों का नशा तो नहीं किया है। जानकार सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक यह टेस्ट गुरुवार से ही अनिवार्य कर दिया गया है। गौरतलब है कि दोनों विमानन कंपनी में पांच हजार से ज्यादा पायलट हैं।
असल में पिछले हफ्ते फुकेट से दिल्ली की उड़ान के टर्बुलेंस जैसे हालात में फंसने के बाद दोनों पायलटों के दो ड्रग्स टेस्ट हुए थे। दोनों टेस्ट पॉजिटिव थे। दूसरे में गांजा पीने की पुष्टि हुई थी। उड़ान के एक यात्री ने आरोप लगाया था कि पायलट नशे में था। यहां तक कहा जा रहा है कि उड़ान की लैंडिंग के बाद एक पायलट को खड़े होने में परेशानी हो रही थी। इसके बाद तय हुआ है कि गुरुग्राम की अकादमी में ट्रेनिंग के अलावा फ्लाइट के बाद ब्रीफिंग सेंटर, एयरलाइंस के ऑफिस और संबंधित बेस पर भी टेस्ट किए जाएंगे। विमानन कंपनी ने कहा है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और उनका भरोसा बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
