नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत समाप्त होने के बाद दोनों देशों के बीच होर्मुज की खाड़ी को लेकर विवाद बढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिकी नौसेना अब होर्मुज की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी करेगी। उन्होंने उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि जो भी जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे रोका जाएगा और जांच की जाएगी। खास तौर पर उन जहाजों पर नजर रखी जाएगी, जिन्होंने ईरान को टोल दिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि जो जहाज ईरान को गैरकानूनी टोल देंगे, उन्हें सुरक्षित रास्ता नहीं दिया जाएगा। इससे ईरान की आर्थिक ताकत कम की जाएगी। अमेरिका किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। जरूरत पड़ने पर युद्ध खत्म करने के लिए कार्रवाई करेगा। गौरतलब है कि इससे पहले ईरान की संसद के उपाध्यक्ष हाजी बाबाई ने कहा था कि होर्मुज की खाड़ी ईरान के कंट्रोल में है। उन्होंने इसे तेहरान की रेड लाइन बताया और कहा कि यहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी करेंसी रियाल में टोल देना होगा।
ईरान के इस बयान से एक दिन पहले शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका होर्मुज की खाड़ी में बिछी बारूदी माइंस हटा रहा है। उन्होंने कहा था कि यह समुद्री रास्ता जल्दी ही खुल जाएगा। अमेरिकी सेना ने भी दावा किया था कि उनके जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं। हालांकि कुछ देर बाद ही ईरान ने अमेरिका के इन दावों को गलत बताया था। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी आईआरजीसी ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई सैन्य जहाज यहां से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा था कि अमेरिकी युद्धपोत समुद्री रास्ते को सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
