नई दिल्ली। वाबंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान अर्नब बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटों से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है। झोंकों के साथ यह 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन ने सोमवार को राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जान-माल का नुकसान कम करने और जरूरी सेवाएं जल्द बहाल करने की तैयारी रखने को कहा।
मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह तूफान विशाखापत्तनम से करीब 650 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और काकीनाडा से 730 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था। इसके पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम और फिर उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने का अनुमान है।
आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना, दक्षिणी ओडिशा और दक्षिण व मध्य छत्तीसगढ़ में भी इसका असर पड़ सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भारी बारिश की आशंका है।
आंध्रप्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी के अधिकारियों ने बैठक में तैयारियों की जानकारी दी। राहत शिविरों और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। जिलों में नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं।
एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। अतिरिक्त टीमें भी तैयार रखी गई हैं। सेना, नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बल के राहत दल, जहाज और विमान भी तैयार हैं।
मछुआरों को 29 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम और उससे लगे मध्य बंगाल की खाड़ी में नहीं जाने की सलाह दी गई है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा और यानम के तटों के पास भी समुद्र में जाने से रोका गया है। समुद्र में मौजूद मछुआरे लौट चुके हैं।
