नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के 36वें दिन शनिवार को ईरान के परमाणु संयंत्र के पास हमला हुआ। बुशहर में परमाणु संयंत्र पर हमले के बाद ईरान ने गहरी चिंता जताई है और कहा कि इस तरह के हमले से अगर परमाणु संयंत्र को नुकसान पहुंचा तो रेडिएक्टिव लीकेज हो सकती है, जिससे सभी खाड़ी देशों की सुरक्षा खतरे में पड़ेगी। बताया जा रहा है कि बुशहर में परमाणु संयंत्र के पास हमले में एक प्रोजेक्टाइल गिर गया, जिससे एक सुरक्षाकर्मी की जान चली गई।
उधर इजराइल की सेना ने ईरान के दक्षिणी खुजेस्तान प्रांत में महशहर पेट्रोकेमिकल स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर भी हमला किया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस इलाके में एक के बाद एक कई धमाके हुए, जिसके बाद घटनास्थल से धुआं उठता हुआ देखा गया। इजराइली सेना यानी आईडीएफ के सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि ये हमले उसकी वायु सेना ने किए हैं। इस हमले में तीन कंपनियों को निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि इन हमलों में पांच लोग घायल हुए हैं।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ईरान ने अमेरिका के दो विमान मार गिराए। ईरान ने दावा किया था कि उसने एफ-35 विमान मार गिराया है लेकिन बाद में दावा किया गया कि जिस विमान को ईरान ने मारा वह एफ-15ई विमान है। इसके अलावा ए-10 विमान भी ईरान ने मार गिराया। पहले विमान का एक पायलट लापता है, जिसकी तलाश हो रही है। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराए जाने की घटना से दोनों देशों के बीच बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, ‘हम युद्ध में हैं’। उन्होंने अमेरिकी मीडिया ‘एनबीसी’ से एक फोन इंटरव्यू में यह बात कही। उधर ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमान के पायलट को पकड़ने पर 10 अरब ईरानी तोमान यानी करीब 55 लाख रुपए के इनाम का ऐलान किया है। ईरान के सरकारी मीडिया ने नागरिकों से अपील की है कि वे अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सरकारी अधिकारी या सेना को सौंपे।
