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बंगाल के मुख्य सचिव को फटकार

New Delhi, May 22 (ANI): A view of the Supreme Court of India, in New Delhi on Thursday. (ANI Photo/Rahul Singh)

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को कड़ी फटकार लगाई है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि मुख्य सचिव को थोड़ा कम ऊंचा रहना चाहिए। वे इतने ऊंचे न हो जाएं कि हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस भी उनसे संपर्क नहीं कर सकें। सर्वोच्च अदालत ने मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले में सोमवार को सुनवाई की और मुख्य सचिव को फटकार लगाई। साथ ही अदालत ने पश्चिम बंगाल पुलिस को मालदा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के काम में शामिल न्यायिक अधिकारियों के घेराव से जुड़े मामले के रिकॉर्ड एनआईए को सौंपने का निर्देश दिया।

जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव के रवैये पर सवाल उठाते हुए उनसे जवाब तलब किया और कहा कि उनका फोन अक्सर स्विच ऑफ रहता है, यहां तक कि कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस भी उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि नौकरशाही के इस बेहद अड़ियल रवैये का सामना दूसरे राज्यों में भी करना पड़ रहा है। चीफ जस्टिस ने राज्य के मुख्य सचिव से पूछा, ‘आप मुख्य न्यायाधीश को भी गंभीरता से नहीं लेते? वो भी आपसे संपर्क नहीं कर सकते’।

मुख्य सचिव ने कहा कि उनका नंबर हमेशा चीफ जस्टिस के लिए उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि एक और नंबर है जो ज्यादा सिक्योर और कनेक्टिविटी बेहतर है। इस पर जस्टिस बागची ने कहा, ‘आपकी सुरक्षा कुछ ज्यादा ही है। आप इतने ऊंचे नहीं हो सकते कि मुख्य न्यायाधीश की आप तक पहुंच न हो। अपने आप को कम ऊंचा रखिए, ताकि कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जैसे यानी आम सेवक आपसे जुड़ सकें’। चीफ जस्टिस ने मुख्य सचिव से कहा कि उनको हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से माफी मांगनी चाहिए। गौरतलब है कि पिछले दिनों मालदा में सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया गया था और देर रात को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को इस मामले में दखल देना पड़ा था।

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