गृहिणियां ‘नेशन बिल्डर’, ‘घरेलू देखभाल के नुकसान’ का आर्थिक मूल्य 30,000 रुपये प्रति माह : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों के अवैतनिक घरेलू श्रम को महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक मान्यता देते हुए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट के निर्णय से दुर्घटना पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा मिलने में सहायता मिलेगी और समाज में गृहिणियों के योगदान को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि गृहिणी का योगदान केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मानव संसाधन विकास और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए उन्हें केवल 'होममेकर' कहने के बजाय 'नेशन बिल्डर' कहा जाना चाहिए। जस्टिस संजय करोल की अध्यक्षता वाली पीठ ने दुर्घटना की शिकार गृहिणियों...