लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के समापन समारोह में संयुक्त घोषणा पत्र अंगीकार किए जाने के बाद चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के उपाध्यक्ष झेंग जियानबांग को 13वें ब्रिक्स संसदीय मंच की अध्यक्षता औपचारिक रूप से सौंप दी।
श्री बिरला ने संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन में दो दिन चले 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के आयोजन के समापन समारोह में चीन को अगले वर्ष होने वाले 13वें ब्रिक्स संसदीय मंच की अध्यक्षता सौंपी। श्री झेंग ने 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की सफलता के लिए श्री बिरला को धन्यवाद दिया और कहा कि चीन 13वें मंच के सफल आयोजन तथा संसदीय विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करेगा।
Also Read : इथियोपिया में 60 से अधिक ईसाइयों की हत्या
उन्होंने 12वें संसदीय मंच की सफलता को एकजुटता के साथ किए गए सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया और कहा कि चीन में कहावत है कि जब लोग मिलकर और एकजुट होकर प्रयास करते हैं, तो परिणाम बहुत अच्छे होते हैं और भारत ने इसे करके दिखाया है। श्री झेंग ने ब्रिक्स के विकास के प्रति चीन की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ने 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के माध्यम से विकास की जिस यात्रा को आगे बढ़ाया है, चीन उसे और आगे ले जाने के लिए प्रयास करेगा।
इससे पहले, सम्मेलन से इतर श्री बिरला और श्री झेंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इसमें दोनों नेताओं ने संसदीय आदान-प्रदान, नियमित संवाद तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
श्री बिरला ने कहा कि पड़ोसी देश होने के नाते भारत और चीन की साझा जिम्मेदारी है कि वे सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखें तथा संवाद और आपसी सम्मान के माध्यम से मतभेदों का सौहार्दपूर्ण समाधान करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली घोषणा पत्र दक्षिण गोलार्द्ध के विकासशील देशों की आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण है। पिछले 20 साल में ब्रिक्स का विकास हुआ है और चीन इसके विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
Pic Credit : ANI
