गुवाहाटी। मेघालय में हिंसा भड़कने के दो दिन बाद असम और मेघालय की सीमा पर नाकेबंदी कर दी गई है। दोनों राज्यों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। मेघालय के स्थानीय निवासियों की सुरक्षा का कानून बनाने की मांग को लेकर खासी हिल्स के छात्र संगठन बुधवार से प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने शिलॉन्ग में असम के लोगों के ऊपर हमला किया। पहली बार ऐसा हुआ कि मेघालय में पर्यटकों के ऊपर भी हमला किया गया।
अब यह हिंसा मेघालय के कई जिलों में फैल गई है। मेघालय में सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इसके बाद असम ने मेघालय से लगी अपनी सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी है। गौरतलब है कि बुधवार को मेघालय के शिलॉन्ग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन की रैली के दौरान असम के लोगों के साथ मारपीट कर उनके वाहनों को आग लगा दी गई थी। हिंसा में 31 गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया था, जिनमें ज्यादातर असम के नंबर की थीं। इसके बाद मेघालय के कई जिलों में हिंसा की घटनाएं शुरू हो गई थीं। हिंसा के शिकार ज्यादातर लोग असम के हैं।
इसके विरोध में गुरुवार को गुवाहाटी के टैक्सी चालकों ने नेशनल हाईवे 27 पर आवाजाही रोक दी थी। शिलॉन्ग में गुरुवार को दिन भर हालात सामान्य रहे। लेकिन, रात करीब साढ़े नौ बजे नोंगमेंसोंग पुलिस चौकी पर अज्ञात लोगों ने पेट्रोल बम फेंक दिया। बम चौकी के अंदर गिरा और आग लग गई। इसके अलावा शिलॉन्ग में एक जगह अज्ञात लोगों ने नेताजी सुभाषचंद्र बोष और स्वामी विवेकानंद की मूर्तियों में तोड़फोड़ की। इससे पूरे शहर में तनाव के हालात बन गए हैं।
