नई दिल्ली। बांग्लादेश में हुए आम चुनावों बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी को विपक्षी पार्टियों के ऊपर बढ़त मिल गई है। अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट करने के बाद पहली बार देश में चुनाव हुए हैं। कई तरह की धांधली के आरोपों के बीच गुरुवार सुबह साढ़े सात बजे से मतदान शुरू हुआ। शाम साढ़े चार बजे मतदान खत्म होने के साथ ही वोटों की गिनती शुरू हो गई। बांग्लादेश में सीधा मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत खालिदा जिया की बीएनपी और जमात ए इस्लामी व सिटिजंस पार्टी के गठबंधन के बीच था।
देर रात तक मिली जानकारी के मुताबिक बीएनपी को बढ़ी बढ़त मिल गई थी। गौरतलब है कि बीएनपी का नेतृत्व खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान कर रहे हैं। वे कई बरसों के निर्वासन के बाद पिछले दिनों ढाका लौटे। गौरतलब है कि चुनाव की घोषणा के बाद खालिदा जिया का निधन हुआ। बहरहाल, बांग्लादेश में 299 सीटों के लिए हुए चुनाव में 48 फीसदी वोट पड़ने की खबर है।
तारिक रहमान की पार्टी 292 सीटों पर चुनाव लड़ी है। उसने आठ सीटें दूसरी पार्टियों के लिए छोड़ी थीं। एक सीट पर चुनाव रद्द हो गया है। उधर जमात ए इस्लामी और सिटिजंस पार्टी ने 11 पार्टियों का गठबंधन बनाया है। गुरुवार को मतदान शुरू होने पर अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहतार मोहम्मद यूनुस, बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान और छात्र नेता नाहिद इस्लाम वोट डालने पहुंचे। इस दौरान यूनुस ने कहा कि आज नए बांग्लादेश का जन्म हुआ।
दूसरी ओर भारत में रह रही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने चुनाव को फर्जी बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। साथ ही यूनुस से इस्तीफा भी मांगा। गौरतलब है कि शेख हसानी की पार्टी अवामी लीग को इस बार चुनाव नहीं लड़ने दिया गया। भारत में बांग्लादेश चुनाव के नतीजों का इंतजार हो रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नतीजे आने के बाद ही यह देखा जाएगा कि जनादेश किस तरह का है। उधर वोटिंग से पहले बांग्लादेश में कई जगह हिंसा होने की खबर है। कई जगह फर्जी वोटिंग और पहले से बैलेट पेपर पर ठप्पा लगाए जाने की खबरें भी आई थीं। मतदान खत्म होने के बाद बीएनपी के एक उम्मीदवार ने गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया।
