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लोकसभा में बजट पर चर्चा शुरू

नई दिल्ली। बजट सत्र में लोकसभा में दो फरवरी से चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हुआ। विपक्षी पार्टियों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया लेकिन साथ ही मंगलवार को भोजन अवकाश के बाद दो बजे से बजट पर चर्चा शुरू हो गई। कांग्रेस के शशि थरूर ने चर्चा की शुरुआत की। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने भी चर्चा में हिस्सा लिया। बताया गया है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को बजट पर बोलेंगे।

मंगलवार को चर्चा की शुरुआत करते हुए शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ हेडलाइन मैनेज करती है, असलियत कुछ और है। थरूर ने जन कल्याण की योजनाओं में आवंटित रकम से बहुत कम खर्च होने का मुद्दा उठाया। साथ ही कहा कि आम जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ गया है, जो कंपनियों पर होना चाहिए था। थरूर ने कहा कि सरकार ने भारत को घाटे में लाकर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को कृषि सेक्टर पर ज्यादा ध्यान देना होगा। थरूर ने कहा, ‘हमारे किसानों की आय दोगुनी करने का वादा आपसे पूरा नहीं हुआ, किसान सम्मान निधि बढ़ा दीजिए’।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर उद्योगपतियों के साथ खड़े होने का आरोप लगाया है। उन्होंने भारत और अमेरिका डील पर भी सवाल उठाया। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार अपना आवंटित बजट ही खर्च नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्र की रैंकिंग में भारत काफी नीचे आ गया है। अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला करते हुए कहा ‘चीन के सवाल पर ये भड़क जाते हैं। वो हमारी जमीन पर नजर रखे है। सरकार इस पर सख्त फैसला ले’। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ का शेर जंग खा रहा है। सभी योजनाएं फेल हो रही हैं। आप बेरोजगारी नहीं खत्म कर पा रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने टैक्स और महंगाई को लेकर सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा, ‘आम आदमी को तीन टैक्स देने पड़ रहे हैं। एक इनकम टैक्स, दूसरा जीएसटी और तीसरा है महंगाई। जहां योजनाएं नहीं पहुंच पा रहीं वहां जीएसटी पहुंच जाती है। इसमें महंगाई सबसे गुपचुप तरीके से बढ़ रहा है लेकिन सरकार इस पर कुछ नहीं कर रही है’। उन्होंने कहा, ‘क्रूड ऑयल के पासे गिरते हैं लेकिन आम आदमी को फायदा नहीं पहुंच रहा। सरकार केवल जनता को धोखा दे रही है। आम आदमी को गाड़ी चलाने के लिए तीन जगह पर टैक्स देना पड़ता है’।

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