नई दिल्ली। पिछले तीन साल से ज्यादा समय से जातीय हिंसा से ग्रसित मणिपुर में शुरू होने से पहले ही जनगणना रोक दी गई है। केंद्र सरकार ने मणिपुर में अगले आदेश तक जनगणना स्थगित कर दी। बताया जा रहा है कि मणिपुर में नागरिकों की मांग पर फैसला किया गया है। कहा जा रहा है कि राज्य में प्रदर्शन चल रहे थे कि पहले वहां नेशनल रजिस्टर फॉर सिटिजंस यानी एनआरसी तैयार कर ली जाए और उसके बाद ही जनगणना की प्रक्रिया शुरू की जाए।
इससे पहले सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक मीटिंग हुई, जिसमें मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह मौजूद थे। इसके अलावा गृह मंत्रालय के भी कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में जनगणना रोकने का फैसला किया।
इससे पहले मणिपुर हाई कोर्ट ने भी जनगणना को रोकने का फैसला सुना था। अदालत एक सितंबर से होने वाली जनगणना की प्रक्रिया को रोकने को कहा था। इसके बाद दिल्ली में अमित शाह की अध्यक्षता में मीटिंग हुई और जनगणना रोकने का फैसला किया गया। गौरतलब है कि मणिपुर में नागरिक कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं कि पहले सूबे में एनआरसी को लागू किया जाए। इसके बाद ही जनगणना की प्रक्रिया हो।
