manipur

  • मणिपुर में चार लोगों की हत्या

    इम्फाल। हिंसा प्रभावित मणिपुर में सोमवार को एक बार फिर कई बड़ी वारदातें हुई हैं। दो अलग अलग घटनाओ में चार लोगों की हत्या कर दी गई है। इन घटनाओं से नाराज स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री आवास के सामने शव रख कर प्रदर्शन किया। असल में रविवार की रात को थौबल जिले में दो समुदायों के बीच झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके अलावा सोमवार की सुबह जंगल से लकड़ी लेने गए तीन लोगों की उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हिंसा की इन घटनाओं से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने राजधानी इम्फाल में मुख्यमंत्री आवास...

  • मणिपुर में हिंसा, पांच की मौत

    इम्फाल। मणिपुर में हिंसा और आए दिन होने वाली हत्याएं न्यू नॉर्मल बन गई हैं। शनिवार को कामजोंग और उखरुल में हथियारबंद गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक महिला सहित पांच लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा उग्र भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन भी जला दिया। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता एन बीरेन सिंह ने दावा किया है कि सात लोग मारे गए हैं। बताया गया है कि नगा बहुल कामजोंग के कुकी बहुल चसाड गांव में 22 साल के एक युवक और 42 साल की एक महिला की मौत हो गई। महिला...

  • भारत का ‘सॉफ्ट’ राज्य

    उचित ही इसे असहज करने वाली रवायत का हिस्सा बताया गया है, जिसमें भारत विश्व मंचों पर आतंकवाद विरोधी मुहिम चलाता है, लेकिन भू-राजनीतिक दबाव में हाथ आए संदिग्ध आतंकवादियों को अपने यहां से जाने देता है। म्यांमार से मणिपुर में घुस कर उग्रवादियों ने चार नगा नागरिकों की हत्या कर दी। इस घटना से मणिपुर में जारी हिंसा के साथ सीमा पार का पहलू जुड़े होने की फिर पुष्टि हुई है। ये वारदात उस समय हुई, जब अमेरिकी एजेंट मैथ्यू वॉनडाइक और छह यूक्रेनी ड्रोन विशेषज्ञों को भारत से बाहर जाने देने की इजाजत मिल गई है। इन सभी...

  • मणिपुर में फिर हिंसा, अफस्पा बढ़ाया गया

    नई दिल्ली/इम्फाल। तीन साल से ज्यादा समय से जातीय हिंसा से ग्रस्त मणिपुर में पिछले कुछ दिनों से हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं। कुकी और मैतेई के बीच चल रहा संघर्ष अब कुकी और नगा संघर्ष में बदल गया है। शुक्रवार को राज्य के कामजोंग जिले में हिंसा की एक नई वारदात सामने आई। म्यांमार सीमा के पास स्थित पिलोंग गांव में उग्रवादियों ने तंगखुल नागा समुदाय के चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। गुरुवार की आधी रात के बाद करीब डेढ़ बजे पुलिस और स्थानीय निवासियों की तलाशी अभियान के बाद चारों ग्रामीणों के शव एक...

  • मणिपुर में रोकी गई जनगणना

    नई दिल्ली। पिछले तीन साल से ज्यादा समय से जातीय हिंसा से ग्रसित मणिपुर में शुरू होने से पहले ही जनगणना रोक दी गई है। केंद्र सरकार ने मणिपुर में अगले आदेश तक जनगणना स्थगित कर दी। बताया जा रहा है कि मणिपुर में नागरिकों की मांग पर फैसला किया गया है। कहा जा रहा है कि राज्य में प्रदर्शन चल रहे थे कि पहले वहां नेशनल रजिस्टर फॉर सिटिजंस यानी एनआरसी तैयार कर ली जाए और उसके बाद ही जनगणना की प्रक्रिया शुरू की जाए। इससे पहले सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक मीटिंग...

  • मणिपुर में उग्रवादी हमले में दो जवान शहीद

    इम्फाल। मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। आम लोगों के साथ साथ सुरक्षा बलों के जवान भी निशाना बन रहे हैं। ताजा हिंसा में मणिपुर के उखरुल में उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए है। कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने असम राइफल्स के जवानों की मौत पर दुख जताया और हमले की निंदा की। राज्यपाल कार्यालय को ओर से जारी बयान में कहा गया है, "मणिपुर के गवर्नर आज उखरुल में घात लगाकर किए गए हमले में असम राइफल्स के दो...

  • मणिपुर में भड़की हिंसा, तीन लोगों की मौत

    इम्फाल। मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क गई है। कांगपोकपी जिले में शुक्रवार तड़के हुए हमले में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इससे पहले बम के हमले में दो बच्चों की मौत हुई थी, जिसके बाद काफी समय तक तनाव बना रहा और उसके बाद बड़ी संख्या में लोगों को अगवा किया गया, जिसकी वजह से तनाव और हिंसा की आशंका बनी हुई थी। बताया गया है कि शुक्रवार को तड़के करीब चार बजे सैतू गामफाजोल उपखंड के लोइबोल खुल्लेन गांव में हथियारबंद लोगों ने हमला किया। इस दौरान सात घर भी जला दिए गए।...

  • मणिपुर में प्रदर्शनकारी की पुलिस से झड़प

    इम्फाल। मणिपुर में दो बच्चों की मौत के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन थम नहीं रहा है। स्थायी शांति बहाली की मांग को लेकर शनिवार को हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान लोगों की पुलिस से झड़प हो गई। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने निकले थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। नाराज प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के लगाए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के कई गोले दागे। गौरतलब है कि पिछले दिनों बिष्णुपुर जिले में एक बम धमाके में दो बच्चों की मौत...

  • मणिपुर में दो बच्चों की मौत के बाद भड़की हिंसा

    इम्फाल। मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क गई है। बिष्णुपुर के मोइरांग इलाके में एक बम धमाके में पांच साल के एक लड़के और पांच महीने की एक बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद पूरे इलाके में हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा में दो लोग मारे गए हैं। पुलिस ने बताया है कि मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में सोमवार देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। इसमें पांच साल के एक लड़के और पांच महीने की एक बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के...

  • मणिपुर का प्रयोग देश भर में होगा

    मणिपुर विधानसभा ने एक शानदार प्रयोग किया है। राज्य में विधानसभा का सत्र चल रहा है। नई सरकार के गठन और कुकी जो समुदाय से उप मुख्यमंत्री बनाने के बावजूद अभी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। कुकी और मैतेई की विवाद शांत नहीं हुआ है। इस विवाद के बीच विधानसभा में वर्चुअल तरीके से सदस्यों के शामिल होने का बंदोबस्त किया गया। विधानसभा के अंदर बड़ी स्क्रीन लगाई गई और विधायकों को अपने घर या कार्यालय से ही कार्यवाही में शामिल होने की इजाजत दी गई। इस पहले प्रयोग में कुकी जो समुदाय के छह विधायकों ने वर्चुअल तरीके से...

  • मणिपुर में सांप्रदायिक जहर

    राजनेताओं को स्वार्थ से उठ कर समस्या पर विचार करना चाहिए। समाज में सांप्रदायिक भावनाओं के कारण व्यक्तिगत रिश्ते तनाव में आ रहे हों, तब थोपी गई एकता कारगर नहीं हो सकती। जरूरत पहले सामाजिक दुराव खत्म करने की है। पिछले महीने मणिपुर चूराचंदपुर में 31 वर्षीय मयंगलम्बम सिंह का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी, जब वे अपनी मंगेतर से मिलने गए थे। मंगेतर कुकी-जो समुदाय की थी। उस हृदय-विदारक घटनाक्रम में इकट्ठी भीड़ ने युवती को वहां से जाने दिया। उसके बाद मयंगलम्बम सिंह को मार डाला गया। हत्यारों ने दया की भीख मांगते उस व्यक्ति का...

  • मणिपुर में हिंसा, कई घर जलाए

    इम्फाल। मणिपुर में लोकप्रिय सरकार के गठन के बाद शुरू हुई हिंसा थम नहीं रही है। कुकी इलाकों में लगातार हिंसा हो रही है और कई समूह कुकी विधायकों के सरकार में शामिल होने का विरोध कर रहे हैं। रविवार को उखरुल जिले के कस्बे लितान में तनाव शुरू हुआ तो जो देर रात बहुत बढ़ गया। राज्य के नए उप मुख्यमंत्री ने इलाके में डेरा डाला है और भारी सुरक्षा तैनाती की गई है, जिससे फिलहाल शांति बनी है। पुलिस ने बताया है, तांगखुल नगा और कुकी समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद लितान और उससे सटे...

  • एक प्रतीकात्मक सरकार

    मणिपुर में वर्तमान विधानसभा के तहत ही नई सरकार बनाने के निर्णय के साथ कई दिक्कतें जुड़ी हैँ। पहली तो यही कि विधानसभा की संवैधानिक स्थिति पर सवाल हैं। इस बारे में हाई कोर्ट में कांग्रेस की याचिका विचाराधीन है। मणिपुर में सरकार बनाने का भारतीय जनता पार्टी का फैसला समस्याग्रस्त है। भाजपा की सोच है कि मैतेई मुख्यमंत्री और कुकी एवं (संभवतः) नगा उप-मुख्यमंत्री बना कर सामुदायिक तनाव का समाधान निकाला जा सकता है। इससे इन समुदायों में सत्ता में साझेदारी मिलने का भरोसा पैदा होगा, जिससे उनमें सुरक्षा की भावना पैदा होगी। संभव है कि यह समझ आंशिक...

  • वाई खेमचंद सिंह होंगे मणिपुर के नए सीएम

    इम्फाल। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के एक साल पूरे होने से पहले एक बार फिर राज्य में लोकप्रिय सरकार बनने जा रही है। भाजपा विधायक दल ने मंगलवार को युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर को नेता चुना। वे राज्य के 13वें मुख्यमंत्री होंगे। विधायक दल का नेता चुने जाने की बाद उनको बुधवार को शपथ दिलाई जा सकती है। वे एक समय पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के सबसे करीबी समर्थकों में से थे। हालांकि बाद में वे उनके आलोचक हो गए थे। बहरहाल, जानकार सूत्रों का कहना है कि कुकी-जो समुदाय के 10 विधायकों में से एक को उप मुख्यमंत्री...

  • मणिपुर में सरकार बनाने की शर्त

    मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के एक साल पूरे होने जा रहे हैं। अगले महीने एक साल हो जाएगा। लेकिन अभी तक भाजपा लोकप्रिय सरकार के गठन का फैसला नहीं कर पाई है। अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। तभी सवाल है कि क्या राज्य में सरकार का गठन होगा या राष्ट्रपति शासन में चुनाव होगा? यह सवाल इसलिए है क्योंकि पहली बार यह सुनने को मिला की कुकी समुदाय भी सरकार गठन के लिए तैयार है। लेकिन उन्होंने इसके लिए शर्त लगा दी है। कुकी समुदाय की शर्त है कि मणिपुर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया...

  • मणिपुर में फरवरी से पहले नई सरकार!

    यह आखिरी प्रयास हो सकता है। लेकिन भाजपा की ओर से जोर शोर से किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी मणिपुर में सरकार बनाने का प्रयास कर रही है। उसके 30 विधायक दिल्ली में हैं। शनिवार को ही ये विधायक दिल्ली पहुंच गए थे। दिल्ली आने वाले विधायकों में सिर्फ मैती नहीं हैं, बल्कि कुकी इलाकों से जीते विधायक भी हैं। ये विधायक भी चाहते हैं कि राज्य में लोकप्रिय सरकार का गठन हो। मणिपुर में मुख्यमंत्री बनने की आस लगाए तमाम नेता भी दिल्ली पहुंच गए हैं या पहुंचने वाले हैं। गौरतलब है कि पिछले दिनों पूर्वोत्तर के...

  • मणिपुर में सरकार बनाने की कवायद

    भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर मणिपुर में सरकार बनाने की कवायद कर रही है। इस बार की कवायद को सीरियस बताया जा रहा है क्योंकि इस बार भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष खुद मणिपुर गए थे। उनके साथ पूर्वोत्तर में भाजपा का काम संभाल रहे लोकसभा सांसद संबित पात्रा भी मणिपुर गए थे। गौरतलब है कि इस साल के शुरू से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है और विधानसभा निलंबित रखी गई है। लेकिन एक तो विधानसभा अनंतकाल तक निलंबित नहीं रखी जा सकती है और दूसरे डेढ़ साल के बाद विधानसभा का चुनाव होने वाला है।...

  • मणिपुर में क्यों नहीं बन रही है सरकार?

    मणिपुर में क्या होगा किसी को समझ में नहीं आ रहा है। राष्ट्रपति शासन लगे हुए छह महीने से ज्यादा हो गए हैं। मोटे तौर पर शांति बहाल हो गई है। प्रधानमंत्री की यात्रा भी हुई, जिसके बाद छिटपुट हिंसा को छोड़ कर कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। फिर भी सरकार नहीं बन पा रही है। कहा जा रहा था कि जल्दी ही सरकार बन जाएगी और उसके बाद मणिपुर के राज्यपाल, पूर्व केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला वापस लौटेंगे और दिल्ली के उप राज्यपाल बनेंगे। लेकिन मणिपुर में सरकार नहीं बनी। कहा जा रहा है कि पूर्व...

  • मणिपुर : असम राइफल्स ने आतंकी हमले की निंदा की, तलाशी अभियान तेज 

    असम राइफल्स ने मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में शुक्रवार शाम हुए आतंकी हमले की निंदा की है। सुरक्षाबलों ने आतंकियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया है।  दरअसल, शाम 5.50 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर नाम्बोल सबल लेईकाई में असम राइफल्स की टुकड़ी पर अज्ञात आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला किया। इस हमले में 33 असम राइफल्स के नायब सूबेदार श्याम गुरुंग (58) और राइफलमैन रंजीत सिंह कश्यप (29) शहीद हो गए, जबकि पांच अन्य जवान घायल हुए। लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा, एवीएसएम, एसएम, महानिदेशक असम राइफल्स, और सभी रैंकों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और...

  • मणिपुर में फैसला आसान नहीं होगा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे के बाद फीलगुड का अहसास कराया जा रहा है। भाजपा का इकोसिस्टम सब कुछ अच्छा हो जाने का प्रचार कर रहा है। लेकिन सब कुछ अच्छा हो जाना बहुत आसान नहीं है क्योंकि प्रधानमंत्री की यात्रा के बावजूद जातीय हिंसा में उलझे दोनों समुदायों के बीच बर्फ नहीं पिघली है। कुकी और मैती दोनों अपनी पुरानी पोजिशन बनाए हुए हैं। अगर वे वह पोजिशन नहीं छोड़ते हैं तो कोई भी फैसला कारगर नहीं हो पाएगा। ध्यान रहे कुकी पहाड़ पर हैं और मैती पहाड़ की घाटी में हैं। दोनों एक दूसरे के इलाके में...

और लोड करें