मणिपुर विधानसभा ने एक शानदार प्रयोग किया है। राज्य में विधानसभा का सत्र चल रहा है। नई सरकार के गठन और कुकी जो समुदाय से उप मुख्यमंत्री बनाने के बावजूद अभी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। कुकी और मैतेई की विवाद शांत नहीं हुआ है। इस विवाद के बीच विधानसभा में वर्चुअल तरीके से सदस्यों के शामिल होने का बंदोबस्त किया गया। विधानसभा के अंदर बड़ी स्क्रीन लगाई गई और विधायकों को अपने घर या कार्यालय से ही कार्यवाही में शामिल होने की इजाजत दी गई।
इस पहले प्रयोग में कुकी जो समुदाय के छह विधायकों ने वर्चुअल तरीके से सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया। उन्होंने अपनी बात कही, जिसे स्क्रीन पर देखा और सुना गया। इसमें राज्य की उप मुख्यमंत्री भी शामिल थीं। दुनिया के अनेक विकसित देशों में यह सुविधा कई साल पहले शुरू हो गई थी। भारत में भी सुप्रीम कोर्ट तक में वर्चुअल सुनवाई और उसके लाइव प्रसारण की सुविधा शुरू हो गई है। अगर देश भर में इस प्रयोग को शुरू किया जाता है तो सांसदों और विधायकों की उपस्थिति बेहतर होगी। वे अपने दूसरे कामकाज के साथ सदन की कार्यवाही में भी हिस्सा ले पाएंगे। आजकल हर राज्य में विधायकों को टैब और लैपटॉप दिए जा रहे हैं। इससे उनकी तकनीकी साक्षरता भी बढ़ेगी।


