नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 36 दिन तक अनशन करने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी राजधानी दिल्ली में अपनी राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक करने जा रही है। इस बैठक में इस बात की समीक्षा की जाएगी कि जंतर मंतर का प्रदर्शन समाप्त करते समय केंद्र सरकार से जो समझौता हुआ था उस पर कितना अमल किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आश्वसनों की समीक्षा इस बैठक में की जाएगी।
सीजेपी ने कहा है कि सरकार ने आश्वासन पूरे करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की अब तक औपचारिक जानकारी नहीं दी है। कहा गया है कि सरकार से वादे पूरे कराने के लिए सभी विकल्पों पर विचार होगा, जिसमें दोबारा शांतिपूर्ण राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करना भी शामिल है। गौरतलब है कि 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सीजेपी के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें सीजेपी की सभी मांगें मान लेने की घोषणा हुई थी और उसके बाद आंदोलन खत्म कर दिया गया था।
सीजेपी ने अब कहा है कि उसने देश के युवाओं से सरकार के वादे पर भरोसा करते हुए आंदोलन वापस लिया था। लेकिन वह इस भरोसे को कमजोरी समझने की अनुमति नहीं देगी। सीजेपी ने छात्रों, युवा नागरिकों, समर्थकों और स्वयंसेवकों से सोमवार की बैठक के नतीजे के लिए तैयार रहने को कहा है। सोमवार की मीटिंग में स्थिति का आकलन कर सीजेपी की आगे की रणनीति तय की जाएगी। सीजेपी ने बैठक से पहले रविवार को कि सरकार के साथ बातचीत करने वाले प्रतिनिधिमंडल ने लिखित आश्वासनों को पूरा करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने के लिए उससे औपचारिक संपर्क नहीं किया। इसमें एफआईआर और मुआवजे से जुड़े आश्वासन भी शामिल हैं।
