Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

लारीजानी के मारे जाने का दावा

नई दिल्ली। इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के सुरक्षा प्रमुख और उसके सबसे बड़े नेताओं में से एक अली लारीजानी को मार डाला है। हालांकि सोमवार को देर रात तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। इस बीच यह दावा भी किया जा रहा है कि शुक्रवार, 13 मार्च के बाद लारीजानी कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। आखिरी बार वे अलविदा की जुमा को यानी 13 मार्च को तेहरान में कुद्स दिवस रैली के दौरान नजर आए थे। वे ईरान की पूरी सुरक्षा संभाल रहे हैं और युद्ध से पहले उन्होंने खाड़ी क्षेत्र के देशों का दौरा करके उनका समर्थन हासिल करने का कूटनीतिक प्रयास भी किया था।

पिछले साल अगस्त में 67 साल के लारीजानी को सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सचिव बनाया गया था। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मारे जाने के बाद उन्होंने ही सब कुछ संभाला था। यह भी कहा जा रहा है कि वे सुप्रीम लीडर बन सकते थे लेकिन वे चूंकि अयातुल्ला नहीं थे यानी बड़े शिया धर्मगुरू नहीं थे इसलिए सुप्रीम लीडर नहीं बने और खामेनेई के दूसरे बेटे मोजतबा को सुप्रीम लीडर बनाया गया। यह भी बताया जा रहा है कि लारीजानी को पहले ही इस बात की जिम्मेदारी दी गई थी कि अगर सर्वोच्च नेता मारे जाते हैं तो कैसे शासन संभालना है।

बहरहाल, इजराइल की ओर से लारीजानी के मारे जाने का दावा किए जाने के बाद अली लारीजानी के सोशल मीडिया अकाउंट से हाथ से लिखा एक नोट जारी किया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए इस नोट में हाल ही में अमेरिकी हमले में मारे गए ईरानी नाविकों को श्रद्धांजलि दी गई है। यह नोट ईरानी सरकारी मीडिया से जुड़े प्लेटफॉर्म्स पर भी शेयर किया गया है। ईरान के नेताओं ने लोगों से अपील की है कि वे इस अंतिम संस्कार में शामिल हों।

Exit mobile version