नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अन्य मांगे मान लिए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का 36 दिन से चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास व आशुतोष रांका ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आंदोलन समाप्त होने का ऐलान किया।
सौरभ दास ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि जंतर मंतर पर मौजूद सभी प्रदर्शनकारी अब अपने घर लौट जाएं। रांका ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में सरकार से तीन बार बातचीत हुई और प्रदर्शनकारियों की तीनों मांगें मान ली गई हैं। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है, सरकार सभी केस वापस लेने के लिए राजी हो गई है और और नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने पर भी सरकार सहमत हो गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया, जिसकी खबर आते ही जंतर मंतर पर जश्न का माहौल बना गया। छात्रों ने छात्र एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। राष्ट्रगान गाया। इस दौरान नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने छात्रों के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
उधर सीजेपी के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के बाद नड्डा ने कहा, ‘मित्रों, आज सौरव के साथ हमारी तीसरी बैठक हुई। आज भी लंबी बातचीत हुई। उन्होंने चार पॉइंट दिए और उनकी मांगों पर चर्चा हुई। सबसे पहली मांग थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है’। उन्होंने आगे कहा, ‘पांच बिंदुओं के प्रस्ताव पर हमारा कहना है कि परीक्षा सुधार के लिए चिंतन करेंगे और फिर इन्हें इसकी जानकारी देंगे’। इसके बाद नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म करने को कहा। सहमति बनने के बाद वहीं पर कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से कहा गया, ‘सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं। सलिए हम तुरंत प्रदर्शन खत्म करने की अपील करते हैं। आगे की जानकारी बाद में देंगे’।
