प्रभु वर्ग में दरार के आरंभिक लक्षण
मुद्दा है कि प्रभु वर्ग के एक हिस्से में मोहभंग से उपजी प्रतिक्रिया कितनी धारदार और कितनी व्यापक होगी? जब विपक्षी दल विश्वसनीयता की चुनौती का सामना कर रहे हैं, तो यह सवाल भी अहम हो जाता है कि ऐसी प्रतिक्रियाओं के व्यक्त होने का माध्यम क्या होगा? इस बारे में शुरुआती कयास लगाने से ज्यादा अभी हम कुछ समझ या कह पाने की स्थिति में नहीं हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) की परिघटना को भारतीय इलीट (प्रभु वर्ग) में एक नई, एवं महत्त्वपूर्ण दरार पड़ने का ठोस संकेत समझा जा सकता है। छह जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर...