छात्रों का सवाल है कि नीट पेपर लीक, सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ी, अनगिनत परीक्षाओं के आयोजन में अव्यवस्था आदि के लिए किसी को तो उत्तरदायी होना चाहिए? फिलहाल, उन्होंने शिक्षा मंत्री को जवाबदेह माना है।
कॉकरोच जनता पार्टी के पहले जमीनी विरोध प्रदर्शन में सामान्यतः अपेक्षाकृत संपन्न परिवारों से आए छात्र- नौजवानों का जमावड़ा लगा। उनका, जो शिक्षा के जरिए ऊंचे करियर का सपना देख सकने की स्थिति में होते हैं। शिक्षा की ढहती व्यवस्था उनके सपनों के साकार होने में रुकावट बन गई है, तो ये युवा ये पूछने निकले हैं कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है? इसीलिए नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जो शब्द सबसे ज्यादा सुनाई दिया, वो है- जवाबदेही।
छात्रों का सवाल है कि नीट पेपर लीक, सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ी, अनगिनत प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन में अव्यवस्था आदि के लिए किसी को तो उत्तरदायी होना चाहिए? फिलहाल, उन्होंने इनके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जवाबदेह माना है, इसलिए उनकी पहली मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। वैसे, प्रदर्शन स्थल पर सवाल यह भी उठा कि यूनिवर्सिटीज की टॉप वर्ल्ड रैंकिंग में पहले 100 स्थान में एक भी भारतीय विश्वविद्यालय क्यों नहीं है? ये बुनियादी प्रश्न हैं। सत्ताधारी इनकी ज्यादा देर तक अनदेखी नहीं कर सकते। भाजपा नेतृत्व को समझना चाहिए कि “कॉकरोच” लामबंदी में बड़ी संख्या में वो नौजवान शामिल हुए हैं, जिनकी उम्र 15-25 वर्ष के बीच है। उन्होंने अपने होश में सिर्फ मोदी राज देखा है।
इसलिए उनके बीच पिछली सरकारों की नाकामियों का शोर मचाने की रणनीति निष्प्रभावी होने लगी है। ये पीढ़ी हिंदू- मुसलमान, देशद्रोही- पाकिस्तान आदि के नैरेटिव्स को सुनते हुए बड़ी हुई है। उससे उसको तब तक शिकायत नहीं थी, जब तक उन्हें अपना करियर सुरक्षित दिखता था। आम तुजुर्बा है कि जब अपना भविष्य दांव पर लगा दिखे, तो ऐसी कहानियां बेअसर होने लगती हैं। जंतर-मंतर एक ऐसी पीढ़ी के उभर चुकने का गवाह बना। सत्ता पक्ष को इस जमीनी बदलाव को गंभीरता से लेना चाहिए। जवाबदेही की उठी मांग पर उसे सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। युवा भावनाओं को दबाने या भटकाने की कोशिश के उलटे परिणाम हो सकते हैं। याद रखना चाहिए कि दुनिया ज़ेन-जी परिघटना से गुजर रही है। अतः भारत में इस पीढ़ी की आंकाक्षाएं संवैधानिक दायरे में पूरी हो जाएं, इसे वर्तमान सरकार को अवश्य सुनिश्चित करना चाहिए।


