प्रदर्शनकारियों को डराने का अभियान
छात्रों और युवाओं के आंदोलन से घबरा कर केंद्र सरकार ने उनकी मांगें तो मान लीं लेकिन ऐसा लग नहीं रहा है कि उन मांगों को पूरी तरह से स्वीकार करने का सरकार का इरादा है। अब कई तरह के अगर मगर किए जा रहे हैं और दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी के नेता व अन्य परेशान हैं कि अब क्या करें। असल में प्रदर्शनकारियों की अनुभवहीनता का सरकार ने फायदा उठाया। सौरव दास और आशुतोष रांका को इससे पहले प्रदर्शन या सरकार के साथ समझौता वार्ता का कोई अनुभव नहीं था। इसलिए कांस्टीट्यूशन क्लब में दूसरी वार्ता से पहले...
